धामी कैबिनेट की बैठक में तीन बड़े फैसले
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड कैबिनेट की बैठक में महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए रोजगार, अपराध पीड़ितों के लिए सहायता और साक्षी संरक्षण से जुड़े तीन बड़े फैसले लिए गए।

1. रोजगार और कौशल विकास के लिए नई नीति
राज्य में महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग रोजगार और कौशल विकास नीतियाँ बनाई जाएंगी। इसके तहत सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी के अवसर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विदेशी भाषाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हर ब्लॉक में प्रारंभिक चरण में 200 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उत्पादों के लिए सरकारी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ एमओयू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादन और आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।
2. उत्तराखण्ड अपराध पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025
कैबिनेट ने अपराध पीड़ितों के लिए संशोधित सहायता योजना को मंजूरी दी। यह योजना पीड़ितों को समयबद्ध और प्रभावी क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से पोक्सो अधिनियम के तहत बालकों के लिए न्यूनतम एवं अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई है।

3. उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025
राज्य सरकार ने साक्षियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए नई योजना की घोषणा की। योजना में पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, भौतिक सुरक्षा और आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता का प्रावधान है। राज्य साक्षी संरक्षण समिति न्यायपालिका, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से समयबद्ध सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगी।
इस बैठक के फैसलों से रोजगार, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में सुधार की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।
