रुद्रप्रयाग में बादल फटने से तबाही
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जनपद एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। तहसील बसुकेदार के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। अचानक आए पानी और मलबे ने कई गांवों को प्रभावित कर दिया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों के घरों और मवेशियों पर आफत टूट पड़ी है, जबकि खेतों और सड़कों पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा जमने से स्थिति और भयावह हो गई है।

जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन लगातार आपदा कंट्रोल रूम से हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में तैनात जिला स्तरीय अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की अलग-अलग टीमें बंद रास्तों को खोलने में जुटी हुई हैं। साथ ही प्रभावित गांवों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी चिन्हित कर लिए गए हैं, ताकि राहत सामग्री और बचाव दल वहां तक तुरंत पहुंच सकें।

गांव-गांव से आ रही भयावह तस्वीरें
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार –
- स्यूर गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है और एक बोलेरो वाहन बह गया।
- बड़ेथ, बगडधार और तालजामनी में गदेरे में पानी और मलबा आने से ग्रामीण दहशत में हैं।
- किमाणा में खेती की भूमि और सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा भर जाने की खबर है।
- अरखुण्ड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गए।
- छेनागाड़ बाजार मलबे से पट गया और कई वाहन बह गए।
- छेनागाड़ डुगर गांव और जौला बड़ेथ से कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना ने पूरे इलाके में बेचैनी फैला दी है।
प्रशासन और बचाव दल सक्रिय
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। गुमशुदा लोगों की तलाश की जा रही है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
बड़ी चुनौती: मलबा और बंद रास्ते
बादल फटने से आई तबाही के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे को हटाने और बंद पड़े मार्गों को खोलने की है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट चुका है। प्रशासन का कहना है कि वैकल्पिक रास्तों से राहत और बचाव सामग्री भेजी जा रही है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी टीमें लगातार काम कर रही हैं और किसी को भी असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को परस्पर समन्वय बनाए रखने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
नाज़ुक हालात, दुआओं का सहारा
स्थानीय लोग प्रशासन और बचाव दल की कोशिशों पर उम्मीद लगाए हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से हालात और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण बाबा केदार से प्रार्थना कर रहे हैं कि अब और कोई जनहानि न हो और हालात जल्द सामान्य हो सकें।
