मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमित शाह के प्रस्तावित हरिद्वार दौरे से पहले व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 मार्च को प्रस्तावित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की प्रगति पर चर्चा की गई और व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय और मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन को संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने को कहा, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

यातायात और पार्किंग प्रबंधन पर विशेष जोर
हरिद्वार में संभावित भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करने के निर्देश दिए।
- वैकल्पिक मार्गों की पहचान
- पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था
- यातायात कर्मियों की तैनाती
इन उपायों के माध्यम से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को असुविधा से बचाने पर जोर दिया गया।
स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी है, इसलिए कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने को कहा, ताकि कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से हो सके। मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरतने की हिदायत दी।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तैयारियों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।
सफल और व्यवस्थित आयोजन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक क्षमता और आतिथ्य परंपरा को प्रदर्शित करना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
