हल्द्वानी की प्रीति सैनी अपने घर से मसाला और हैंडीक्राफ्ट व्यवसाय संचालित करते हुए
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी विकासखंड की प्रीति सैनी आज महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। वैष्णवी आजीविका स्वयं सहायता समूह की सचिव और सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़ी प्रीति ने अपने घर से ही हैंडीक्राफ्ट और मसाला निर्माण का सफल व्यवसाय स्थापित किया है।

सरकारी सहयोग और REAP/ग्रामोत्थान परियोजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। आज वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं।
सरकारी योजना से मिली उड़ान

प्रीति सैनी को REAP/ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत ₹75,000 की सब्सिडी सहित कुल ₹3 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने अपने घर पर मसाला पीसने की चक्की स्थापित की और शुद्ध, घरेलू मसालों का उत्पादन शुरू किया। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद के कारण स्थानीय बाजार में मांग बढ़ने लगी।
स्थानीय बाजार से लेकर शादी समारोह तक बढ़ी मांग
आज प्रीति सैनी द्वारा तैयार मसाले कई जगहों पर सप्लाई किए जाते हैं:
- स्थानीय बाजारों में नियमित बिक्री
- मेलों और प्रदर्शनियों में स्टॉल
- शादी-विवाह सीजन में बैंकेट हॉलों में थोक आपूर्ति
उनकी पहचान अब “घरेलू और शुद्ध मसालों” के भरोसेमंद नाम के रूप में बन रही है।
त्योहारों पर सीजनल उत्पादों से बढ़ती आय
प्रीति सैनी केवल मसालों तक सीमित नहीं रहीं। वे त्योहारों के अनुसार विशेष उत्पाद भी तैयार करती हैं:
होली पर
- चिप्स
- कचरी
- हर्बल रंग
दिवाली पर
- ऊन की फूल मालाएं
- तोरण
- विभिन्न हैंडीक्राफ्ट उत्पाद
इन उत्पादों से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
छोटी दुकान से बढ़ाया व्यापार
ऋण की बची राशि से प्रीति सैनी ने एक छोटी दुकान भी शुरू की, जहां वे कॉस्मेटिक्स और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचती हैं। इस बहु-आय स्रोत मॉडल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाया है।
सालाना 1 लाख तक शुद्ध आय
इन सभी गतिविधियों से प्रीति सैनी प्रतिवर्ष लगभग 80,000 से 1,00,000 तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं, जो एक गृहिणी से उद्यमी बनने की उनकी यात्रा को सफल बनाती है।
सरकारी योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रीति सैनी बताती हैं कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और REAP परियोजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने हमें घर बैठे रोजगार का अवसर दिया। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी पा रही हैं।
प्रेरणा की कहानी
प्रीति सैनी की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है। उनकी कहानी न केवल उनके परिवार बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
