विधानसभा सत्र न चलाना सरकार की सबसे बड़ी विफलता
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आहूत मानसून सत्र को पूर्ण रूप से न चलाना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में चार दिन का एजेंडा तय था, लेकिन सरकार की मंशा सत्र चलाने की नहीं थी। सरकार ने संख्याबल के आधार पर अनुपूरक बजट और अन्य विधेयक पारित कर सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

यशपाल आर्य ने कहा कि यह न केवल लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रहार है, बल्कि उत्तराखंड की जनता की समस्याओं और आवाज़ की अनदेखी भी है। विपक्ष प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन में नाकामी, भ्रष्टाचार और रोजगार सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग कर रहा था, जिससे सरकार बचना चाहती थी। उनके अनुसार, सरकार के पास विपक्ष के सवालों का कोई जवाब नहीं था, इसलिए सदन को मात्र डेढ़ दिन की कार्यवाही के बाद मनमाने ढंग से स्थगित कर दिया गया।
आपदा पीड़ितों को श्रद्धांजलि

इससे पहले गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और साथी विधायकों ने उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल, पौड़ी, पिथौरागढ़ सहित अन्य स्थानों पर आई दैवीय आपदा में असमय कालकलवित हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कैंडल जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की गई। साथ ही शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुख को सहने की शक्ति देने की कामना भी की गई।
