नैनीताल हाईकोर्ट में रेनकोट कांड की सुनवाई के दौरान जिला पंचायत सदस्यों से कड़े सवाल पूछती डबल बेंच।
नैनीताल। नैनीताल जिला पंचायत रेनकोटकांड से जुड़े मामले में गुरुवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पांच जिला पंचायत सदस्यों और CBCID की जांच अधिकारी से लगातार कड़े सवाल पूछे। अदालत के कई सवालों का सीधा और स्पष्ट जवाब देने में न तो सदस्य सफल हो सके और न ही जांच अधिकारी।

एफिडेविट खरीदने पर सबसे कठिन सवाल
हाईकोर्ट के प्रमुख सवालों में—

- एफिडेविट कहां से खरीदे?
- किसने खरीदे?
- खरीदारी के समय कौन-कौन मौजूद था?
इन सभी सवालों का जवाब देने में जिला पंचायत सदस्य लगातार उलझते दिखे। कोर्ट ने साफ कहा कि यह मुद्दा बेहद गंभीर है और स्पष्ट जवाब जरूरी है।
कैसे रामनगर पहुंचे पांचवा सदस्य? कोर्ट ने जताई शंका
अदालत ने यह भी पूछा कि घटना के समय पांच जिला पंचायत सदस्य अचानक रामनगर कैसे पहुंच गए?
सदस्य जवाब देते-देते अपने ही वक्तव्यों में फंसते दिखाई दिए।
रेनकोटधारी को उठाते समय बचाने की कोशिश क्यों नहीं की?
कोर्ट ने पूछा कि जब आपके साथी को कथित रेनकोटधारी उठा रहे थे, तो आप में से किसी ने उसे बचाने की कोशिश क्यों नहीं की? इस सवाल पर भी स्पष्ट उत्तर सामने नहीं आ सका।
आपसी पहचान पर भी सवालों की बौछार
डबल बेंच ने पूछा कि आप लोग एक-दूसरे को कब से जानते हैं?
किसी ने कहा कॉलेज चुनाव के समय से,
किसी ने कहा गांव का रास्ता हमारे गांव से जाता है,
तो कुछ ने यह भी कहा कि आपस में रिश्तेदारी है।
कोर्ट ने इन उत्तरों की वास्तविकता पर कई बार पुनः सवाल उठाए।
नेपाल यात्रा को लेकर भी घिरे जिला पंचायत सदस्य डीकर मेवाड़ी
अदालत ने सदस्य डीकर मेवाड़ी से पूछा—
क्या आप जिला पंचायत चुनाव के बाद नेपाल घूमने गए थे?
मेवाड़ी ने पहले कहा कि वह चुनाव के बाद नेपाल नहीं गए।
लेकिन जब कोर्ट ने दोबारा पूछा कि चुनाव नतीजों के बाद गए थे या नहीं,
तो उन्होंने स्वीकार किया कि वह दोस्तों के साथ नेपाल घूमने गए थे।
CBCID जांच अधिकारी पर भी कोर्ट सख्त
हाईकोर्ट सुनवाई के दौरान CBCID की जांच अधिकारी पर भी बेहद नाराज दिखा।
यहां तक कि चीफ जस्टिस ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा—“सस्पेंड होने के लिए तैयार हो जाइए।”इस टिप्पणी से साफ है कि कोर्ट जांच की गति और गंभीरता से संतुष्ट नहीं है।
