नैनीताल में ऐतिहासिक बिल्डिंग में लगी भीषण आग
नैनीताल। नैनीताल में बुधवार देर रात बड़ा अग्निकांड हुआ। मल्लीताल क्षेत्र स्थित मोहनको के पास ओल्ड लंदन हाउस में भीषण आग लग गई। रात करीब 9 बजे लगी आग को रात 12 बजे तक भी पूरी तरह कंट्रोल नहीं किया जा सका। घंटों बाद आग पर काबू पाया जा सका। यह बिल्डिंग 1863 में अंग्रेजों द्वारा बनाई गई थी, जिसमें उस समय नॉर्थ वेस्टर्न प्रोविंस के ब्रिटिश अधिकारी रहते थे। पूरी तरह लकड़ी की बनी यह ऐतिहासिक इमारत वर्तमान में आवासीय भवन के रूप में उपयोग की जा रही थी।

परिवार पर गिरी दुख की घड़ी
इसी बिल्डिंग में मशहूर इतिहासकार और पर्यावरणविद् प्रो. अजय रावत की बहनें कर्णप्रिया रावत और शांत रावत भी रहती थीं। कोरोना काल में कर्णप्रिया का निधन हो गया था, जबकि 85 वर्षीय शांता रावत अपने बेटे निखिल के साथ यहीं रहती थीं। दुर्भाग्यवश बुधवार रात लगी आग की चपेट में आने से शांता रावत की मौत हो गई। इस घटना से पूरे नैनीताल में शोक की लहर है।

पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
अग्निकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल और एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में पुलिस, फायर सर्विस, एयरफोर्स फायर टेंडर, भवाली, भीमताल, रामनगर और हल्द्वानी से मंगाए गए अतिरिक्त फायर टेंडर सहित राहत दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
क्षति का आकलन जारी
एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्रा सहित अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। फिलहाल आग से हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है।
