नैनीताल के चारखेत में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथि।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल के समीपवर्ती क्षेत्र चारखेत (माउंटेन मैजिक) में शुक्रवार से तीन दिवसीय ‘नैनीताल लिटरेचर फेस्टिवल’ का भव्य आगाज हो गया है। कुमाऊं आयुक्त व मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत और सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. पुष्पेश पंत ने दीप प्रज्वलित कर इस बौद्धिक समागम का उद्घाटन किया। 15 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव में देश-दुनिया के दिग्गज लेखक, विचारक और फिल्मकार जुट रहे हैं।

पर्यटन और संस्कृति का अनूठा संगम
उद्घाटन अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल साहित्य को बढ़ावा मिलता है, बल्कि चारखेत जैसे उभरते हुए पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे फेस्टिवल पर्यटन गतिविधियों में इजाफा करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र
आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि इस फेस्टिवल के माध्यम से स्थानीय युवाओं को स्थापित लेखकों और विचारकों से सीधे रूबरू होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि साहित्य, लेखन और वैचारिक विमर्श के इस मंच से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और उनमें सृजनात्मकता का विकास होगा।

राजुला-मालूशाही: कुमाऊंनी लोकगाथा पर चर्चा
फेस्टिवल के पहले दिन प्रसिद्ध लेखक और फिल्मकार इंद्रजीत पंत ने उत्तराखंड की अमर प्रेम गाथा ‘राजुला मालूशाही’ पर आधारित अपनी फिल्म पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस लोककथा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे इसे आधुनिक माध्यमों से विश्व पटल पर लाया जा रहा है।
फेस्टिवल की मुख्य झलकियाँ:–
- अवधि: 13 मार्च से 15 मार्च 2026।
- प्रमुख अतिथि: प्रो. पुष्पेश पंत, आयुक्त दीपक रावत, फिल्मकार इंद्रजीत पंत।
- सहभागिता: देश-विदेश के ख्यातिलब्ध रचनाकार और साहित्य प्रेमी।
- उद्देश्य: साहित्य संवर्धन, पर्यटन को बढ़ावा और वैचारिक आदान-प्रदान।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। अगले दो दिनों तक यहाँ विभिन्न सत्रों में कविता पाठ, पुस्तक चर्चा और सिनेमाई संवादों का दौर जारी रहेगा।
