हंगामे की भेंट चढ़ा मानसून सत्र
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा का द्वितीय सत्र 2025 विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार हंगामे की भेंट चढ़ गया। महज़ 2 घंटे 40 मिनट चली कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन को अनिश्चितकाल तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।

विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने
- 19 अगस्त को सुबह 11 बजे सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर हंगामा किया।
- सत्ता पक्ष के विधायक भी तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे और विपक्ष का जवाब दिया।
- पूरे सत्र के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
- विपक्षी विधायकों ने सदन की वेल में बिस्तर लगाकर रात बिताई, जो चर्चा का विषय रहा।
आपदा पर चर्चा नहीं

हालांकि मानसून सत्र में आपदा और धराली त्रासदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद थी, लेकिन लगातार शोर-शराबे के कारण यह विषय सत्र में नहीं उठ पाया।
इस्तीफों की गूंज
- नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने कार्य मंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया।
- प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार सदन चलाने में तानाशाही रवैया अपना रही है।
- उन्होंने कहा कि जब कार्यमंत्रणा समिति के निर्णय एकतरफा लिए जा रहे हैं तो उसमें बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
सरकार का पक्ष
इस बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष के रुख पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि सरकार ने आवश्यक कार्य निपटाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने सत्र को हंगामे में डुबो दिया।
नतीजा
22 अगस्त तक चलने वाले सत्र की योजना थी, लेकिन विधायकों को डेढ़ दिन में ही वापस लौटना पड़ा। दूसरी ओर जनता के लिए अहम मुद्दों पर चर्चा न होना राज्य के निवासियों में निराशा का कारण बना है।
