एमडीडीए की 112वीं बोर्ड बैठक में अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय और उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने देहरादून के नियोजित विकास पर चर्चा की। PHOTO CREDIT - X
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 112वीं बोर्ड बैठक आज सचिवालय स्थित कार्यालय में आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं बोर्ड के अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के शहरी विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया गया। बैठक की शुरुआत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अध्यक्ष एवं सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद सचिव मोहन सिंह बर्निया ने पिछली बैठक की कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया, जिसे बोर्ड ने अनुमोदित किया।

विकास से जुड़े 41 प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति
बैठक में लगभग 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें ईको-रिज़ॉर्ट, होटल, व्यावसायिक भवन, आवासीय मानचित्र स्वीकृति और तलपट अनुमोदन जैसे विषय शामिल थे। जनहित और नियामकीय दृष्टि से उपयुक्त प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई, जबकि कुछ प्रस्तावों को अगली बैठक के लिए विचाराधीन रखा गया।

देहरादून महायोजना 2041 पर मंथन
बैठक में देहरादून महायोजना-2041 की आपत्तियों और सुझावों पर गहन चर्चा हुई। अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि महायोजना को पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने के लिए सभी अभ्यावेदनों की शीघ्र सुनवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से उत्तराखंड इंजीनियर्स और आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन द्वारा दी गई आपत्तियों पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा ताकि शहर का विकास वैज्ञानिक और जनहित के अनुरूप हो।
धौलास आवासीय परियोजना को मिली 50 करोड़ की वित्तीय मदद
बैठक में धौलास आवासीय परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया। प्रमुख सचिव, आवास अनुभाग-02 द्वारा हुडको से 50 करोड़ ऋण लेने की सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे परियोजना के शेष कार्य तेजी से पूरे होंगे। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह परियोजना देहरादून में आधुनिक आवासीय सुविधाओं को एक नया आयाम देगी।
नियोजित विकास हमारी प्राथमिकता – विनय शंकर पांडेय
अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि एमडीडीए की प्राथमिकता देहरादून का संतुलित, हरित और नियोजित विकास है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी विकास योजनाएं पारदर्शी, नियमसम्मत और जनहित में हों। उन्होंने भरोसा जताया कि बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय राजधानी को सस्टेनेबल अर्बन मॉडल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
रोजगार और सौंदर्यीकरण पर फोकस – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि ईको-रिज़ॉर्ट और होटल प्रोजेक्ट्स जैसे प्रस्ताव न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी पैदा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की टीमें शहर के सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही हैं।
जनसहभागिता और पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया कि ऑनलाइन आवेदन और अनुमोदन प्रक्रिया को और सशक्त बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों को तेज़, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
बैठक में मौजूद रहे ये सदस्य
बैठक में वित्त, आवास, नगर निगम, एमडीडीए और टाउन प्लानिंग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। अंत में अध्यक्ष पांडेय ने सभी सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि बोर्ड की ओर से लिए गए निर्णय राजधानी के हरित और संतुलित विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
