आयुक्त दीपक रावत ने जिला चिकित्सालय बागेश्वर में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
बागेश्वर। कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के साथ जिला चिकित्सालय बागेश्वर का विस्तृत निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीजों की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाना रहा।

अस्पताल की व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल परिसर, पंजीकरण काउंटर, ओपीडी कक्ष, विभिन्न वार्डों और अन्य इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, पंजीकरण प्रक्रिया और उपचार व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।

ओपीडी संचालन और मरीजों की सुविधा
पंजीकरण प्रणाली की पारदर्शिता
अस्पताल परिसर की स्वच्छता और व्यवस्थाएं
आयुक्त ने क्यूआर कोड आधारित ओपीडी शुल्क भुगतान प्रणाली की जानकारी लेते हुए डिजिटल भुगतान व्यवस्था को पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
जन औषधि केंद्र में दवाइयों की उपलब्धता की जांच
निरीक्षण के दौरान जन औषधि केंद्र में आवश्यक और जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता की गहन समीक्षा की गई।
जांच के मुख्य बिंदु:
- दवाओं का स्टॉक रजिस्टर
- वितरण प्रणाली
- मूल्य सूची की पारदर्शिता
आयुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यक दवाइयों की कमी न हो और मरीजों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मरीजों से संवाद, शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आए लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मरीजों की प्रमुख अपेक्षाएं:
- समय पर उपचार
- दवाइयों की उपलब्धता
- स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण
108 एम्बुलेंस सेवा पर विशेष ध्यान
आपातकालीन चिकित्सा सेवा 108 एम्बुलेंस की उपलब्धता, प्रतिक्रिया समय और तकनीकी स्थिति की समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देशित किया कि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को समयबद्ध आपात सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
चिकित्सकों के साथ बैठक, सुधारात्मक कदमों पर चर्चा
चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ आयोजित बैठक में निम्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई:
- मानव संसाधन की उपलब्धता
- विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती
- उपकरणों की कार्यशीलता
- स्वच्छता व्यवस्था
- आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण
आयुक्त ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तपन शर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपमा हयांकी सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
