थराली क्षेत्र में आपदा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करती अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम
थराली। भारत सरकार की अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम सोमवार को चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में आपदा से हुई क्षति का आकलन करने पहुँची। टीम का नेतृत्व निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने किया, जिनके साथ विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

हवाई और स्थलीय निरीक्षण से लिया वास्तविक हालात का जायजा
टीम ने सबसे पहले चेपड़ो, कोटडीप, राड़ीबगड़, देवाल के मोपाटा और नंदानगर प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद सड़क मार्ग से भी क्षतिग्रस्त इलाकों का निरीक्षण किया गया।

जिलाधिकारी ने पेश की विस्तृत रिपोर्ट
कुलसारी रिलीफ सेंटर में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने पीपीटी के माध्यम से आपदा से हुई विभागवार क्षति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगातार वर्षा और भूस्खलन के कारण सड़कों, पुलों, भवनों, पेयजल योजनाओं, विद्युत तंत्र और कृषि को भारी नुकसान पहुँचा है।
11.50 करोड़ की क्षति का अनुमान
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक लगभग 11.50 करोड़ की विभागीय परिसंपत्तियों की क्षति का आकलन किया गया है। उन्होंने विकासखण्ड ज्योतिर्मठ के पल्ला गाँव और नंदानगर क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धसाव की गंभीर स्थिति से भी टीम को अवगत कराया।
स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना
टीम ने राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने पुनर्वास कार्यों, प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता, अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था और सड़कों को खोलने की कोशिशों की जानकारी ली।
रिपोर्ट के आधार पर जल्द बनेगी पुनर्वास योजना
टीम प्रमुख डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार प्रभावित क्षेत्रों के लिए सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों की ठोस योजना तैयार करेगी। इसमें पुनर्वास, बुनियादी ढाँचे की बहाली और दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय शामिल होंगे।
