हरीश रावत का ट्वीट: भाजपा में मुख्यमंत्री पद का चुनाव पर्ची और नागपुर से तय होता है
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए भाजपा में मुख्यमंत्री पद के चयन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल बहुमत के आधार पर नहीं होता, बल्कि पर्ची खोलने की प्रक्रिया से तय होता है।

नागपुर से आता है संदेश
हरीश रावत ने लिखा कि भाजपा में मुख्यमंत्री का चुनाव आदरणीय नागपुर से आने वाले संदेश पर आधारित होता है। यह संदेश राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रांतीय अध्यक्ष तक को प्रभावित करता है। साथ ही कहा कि फैक्ट चेक के लिए श्री भगत सिंह कोश्यारी जी के पास जाया जा सकता है।

पहली बार विधायक भी बन सकते हैं मुख्यमंत्री
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहली बार विधायक चुने गए व्यक्ति भी कभी-कभी मुख्यमंत्री बन जाते हैं, जबकि उनके पास राज्यमंत्री का अनुभव भी नहीं होता। इस तरह के निर्णय का राज्य की गवर्नेंस पर असर पड़ सकता है।
व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र
हरीश रावत ने अपने अनुभव का भी जिक्र किया और बताया कि 2002 में उन्हें इतना सम्मान मिला कि निर्णय लेने से पहले उनसे परामर्श किया गया या सूचना दी गई। हरीश रावत ने कहा कि भाजपा के अंदर तो लोग जो मुख्यमंत्री पद का दावेदार होता है, उसी से पर्ची खुलवाते हैं और पर्ची खोलने के बाद वह अपने चारों तरफ देखता है, यह है कौन? जो पहली बार विधायक चुने जाते हैं, वह भी मुख्यमंत्री बन जाता है, जो कभी राज्यमंत्री भी नहीं रहे होते हैं वह भी मुख्यमंत्री बन जाते हैं। चाहे उसका दुष्परिणाम राज्य की गवर्नेंस को भुगतना पड़े।
