हल्द्वानी में औषधि विभाग ने फार्मेसी और थोक प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाकर कफ सिरप के सैंपल लिए।
हल्द्वानी। कफ सिरप की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर औषधि विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बुधवार को वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट के नेतृत्व में सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल की फार्मेसी में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान फार्मेसी से कफ सिरप के कई सैंपल एकत्रित किए गए जिन्हें जांच के लिए देहरादून स्थित लैबोरेटरी भेजा गया है।

वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सरकारी संस्थानों, निजी मेडिकल स्टोर्स, थोक और खुदरा औषधि विक्रेताओं से कफ सिरप के सैंपल लगातार लिए जा रहे हैं। अब तक विभाग द्वारा कुल 17 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लैब टेस्ट में प्रतिबंधित सिरप नहीं मिला

मीनाक्षी बिष्ट ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी भी प्रतिबंधित कफ सिरप की पुष्टि नहीं हुई है। निरीक्षण टीम में उनके साथ औषधि निरीक्षक अर्चना उत्पल भी शामिल थीं।
थोक प्रतिष्ठानों पर भी औचक निरीक्षण
बता दें कि पिछले दिनों औषधि विभाग की टीम ने शहर के आठ थोक औषधि प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया था। इनमें से पांच जगहों से कफ सिरप के सैंपल एकत्र किए गए जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जांच के दौरान टीम ने डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड, क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट और फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड युक्त पीडियाट्रिक कफ सिरप के सैंपल लिए।
आमजन के लिए विभाग की अपील
औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट ने लोगों से अपील की कि बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप का सेवन न करें। विभाग का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।
