आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ में “ग्रीन दिवाली” कार्यक्रम में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
हल्द्वानी। आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल (ARDEN Progressive School), लामाचौड़ में शुक्रवार को “ग्रीन दिवाली” कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। दीपावली के इस खास अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। बच्चों के उत्साह और प्रतिभा ने दर्शकों का मन मोह लिया।

दीप प्रज्वलन और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य, ट्रस्टी और शैक्षणिक सलाहकार द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। दीप प्रज्वलन के पश्चात सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और एक-दूसरे को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। प्रधानाचार्य ने बच्चों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने और सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाने का संदेश दिया।


बच्चों ने प्रस्तुत की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
विद्यार्थियों ने इस अवसर पर गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दिवाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों के मंच पर कदमताल, गीतों की मधुर आवाज़ और नाटकों की मासूमियत ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव पैदा करते हैं।

“ग्रीन दिवाली” की थीम
विद्यालय ने इस वर्ष “ग्रीन दिवाली” की थीम अपनाई और बच्चों व अभिभावकों को पटाखों से दूरी बनाकर पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने पारंपरिक दीपक सजाने, रंगोली बनाने और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से संदेश दिया कि कैसे हम पर्यावरण को बचाते हुए भी त्योहार का आनंद ले सकते हैं।

बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने बढ़ाया कार्यक्रम का रंग
इस कार्यक्रम में बच्चों की मासूमियत और उनकी रचनात्मकता ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। रंग-बिरंगी पोशाकें, दीपों की रोशनी और उत्साही प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। दर्शक और अभिभावक बच्चों की प्रतिभा देखकर दंग रह गए।
उद्देश्य: स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दिवाली
आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल के माध्यम से बच्चों ने न केवल दर्शकों को प्रभावित किया बल्कि अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी इस संदेश को साझा किया।

अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने कहा कि बच्चों ने बहुत ही सुंदर और प्रभावशाली तरीके से ‘ग्रीन दिवाली’ का संदेश दिया। उन्होंने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की इस पहल की भी प्रशंसा की। कई अभिभावकों ने कहा कि अब वे भी इस दिवाली अपने घरों में पटाखों के बजाय पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाएंगे।
स्कूल प्रशासन का संदेश
प्रधानाचार्य और स्कूल के ट्रस्टी ने सभी बच्चों और शिक्षकों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में न केवल सांस्कृतिक चेतना जगाते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील भी बनाते हैं।
