हल्द्वानी के ऑर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में आयोजित एआई और ड्रोन प्रशिक्षण कार्यशाला का दृश्य
हल्द्वानी। लामाचौड़ क्षेत्र स्थित ऑर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल में आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक पर आधारित 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 16 मार्च 2026 से 21 मार्च 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने पर विशेष फोकस रहा।

इस कार्यशाला का आयोजन चंडीगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ ड्रोन के सहयोग से किया गया, जो तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित संस्था मानी जाती है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी की बुनियादी और उन्नत जानकारी देना था, ताकि वे इस ज्ञान को छात्रों तक प्रभावी तरीके से पहुंचा सकें।
शिक्षकों को मिला प्रैक्टिकल अनुभव

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक नितिन कटारिया ने शिक्षकों को एआई के विभिन्न पहलुओं—जैसे मशीन लर्निंग की बेसिक समझ, ऑटोमेशन, डेटा प्रोसेसिंग और ड्रोन ऑपरेशन—का विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में विद्यालय के शिक्षक नितिन त्रिपाठी, चंचल पंत, मेघा जोशी, गायत्री खत्री और योगेश त्रिपाठी ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नई तकनीकों को सीखा।
स्कूल में स्थापित हुई AI लैब
विद्यालय प्रबंधन ने जानकारी दी कि इस कार्यशाला के साथ ही स्कूल में एक आधुनिक AI लैब की स्थापना भी की गई है। यह लैब छात्रों को नई तकनीकों के साथ प्रयोग करने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी।
प्रबंधन का दावा है कि हल्द्वानी में यह पहली बार है जब किसी स्कूल ने इतने व्यापक स्तर पर एआई और ड्रोन तकनीक की कार्यशाला आयोजित की है।
भविष्य की शिक्षा की ओर बड़ा कदम
इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों की तकनीकी समझ बढ़ेगी, बल्कि छात्र भी आने वाले समय की डिजिटल दुनिया के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
आभार और शुभकामनाएं
कार्यशाला के सफल आयोजन पर विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने चंडीगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ ड्रोन के संस्थापक सनी कुमार और प्रशिक्षक नितिन कटारिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
