अन्नकूट पर्व पर दोपहर 11:36 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट, मुखवा पहुंचेगी मां गंगा की डोली
गंगोत्री। उत्तराखंड के चारधामों में शामिल गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने का शुभ मुहूर्त तय कर लिया गया है। नवरात्र के पावन पर्व पर परंपरा के अनुसार यह घोषणा की गई। मां गंगा के कपाट आगामी 22 अक्टूबर को दोपहर 11 बजकर 36 मिनट पर अन्नकूट पर्व के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस समय पर विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मां गंगा के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन पड़ाव मुखवा गांव के लिए रवाना होगी, जहां सर्दियों भर भक्त मां गंगा की पूजा-अर्चना कर सकेंगे। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने से पहले हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कपाट बंद होने का अवसर भी भक्तों के लिए बेहद भावुक और आस्था से जुड़ा हुआ होता है।
चारधाम यात्रा का महत्व

गंगोत्री धाम उत्तराखंड के चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा है। गंगोत्री के साथ केदारनाथ, बद्रीनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट भी शीतकाल में निर्धारित तिथियों पर बंद कर दिए जाते हैं और पुनः अगले वर्ष अप्रैल-मई में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खोले जाते हैं।
शीतकालीन व्यवस्था
कपाट बंद होने के बाद गंगोत्री धाम बर्फबारी के कारण आम जन के लिए दुर्गम हो जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए मुखवा गांव में शीतकालीन पूजा-अर्चना की व्यवस्था रहती है।
