अन्नकूट पर्व पर कपाट बंद होने से पहले फूलों से सजा गंगोत्री धाम का भव्य दृश्य
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पवित्र चार धामों में से एक गंगोत्री धाम में कपाट बंद होने की तैयारी जोरों पर है। आज अन्नकूट के पावन पर्व पर विधिविधान के साथ सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले धाम परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। मां गंगा की विदाई के इस पावन अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर पुण्य लाभ लेने के लिए धाम पहुंच रहे हैं।

फूलों से सजा गंगोत्री धाम, गूंजे मां गंगा के जयकारे
गंगोत्री धाम के पुजारियों और प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। मां गंगा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है। श्रद्धालु भावुक होकर मां गंगा से अगले वर्ष पुनः दर्शन की प्रार्थना कर रहे हैं।

कपाट बंद होने की परंपरा का महत्व
हर वर्ष दीपावली के बाद गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर बंद किए जाते हैं और गंगा जी की डोली मुख्य पुजारी परिवार के साथ मुखबा गांव पहुंचाई जाती है, जहां सर्दियों में मां गंगा की पूजा की जाती है।
प्रशासन ने की सभी तैयारियों की समीक्षा
धाम में भीड़ को देखते हुए उत्तरकाशी प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा की है। पुलिस, आपदा प्रबंधन और मंदिर समिति की टीमें लगातार व्यवस्थाओं में जुटी हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
कपाट खुलने की अगली तिथि
शीतकालीन अवकाश के बाद गंगोत्री धाम के कपाट अगले वर्ष अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर पुनः खोले जाएंगे।
