Panchayat Election 2025
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद का अंतिम आरक्षण तय कर दिया है। शासन की ओर से 1 अगस्त 2025 को जारी किए गए अनंतिम आरक्षण प्रस्ताव के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का सम्यक परीक्षण एवं निस्तारण कर लिया गया है। बुधवार 6 अगस्त 2025 को अंतिम आरक्षण सूची जारी की गई।

शासन के कार्यालय आदेश संख्या 1088/XII(1)/2025/86(22)2019 के अनुसार, उत्तराखंड राज्य की सभी जिला पंचायतों (हरिद्वार को छोड़कर) के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी की गई है। यह आरक्षण भारत के संविधान के अनुच्छेद 243(D) और उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 (संशोधन 2025) की धारा 92(क) तथा उत्तराखंड ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) नियमावली, 2025 के तहत निर्धारित किया गया है।

अनंतिम आरक्षण प्रस्ताव पर 42 आपत्तियाँ प्राप्त हुई थीं। आपत्तियों का निस्तारण 5 अगस्त को संबंधित समिति द्वारा किया गया। अंतिम आरक्षण सूची 6 अगस्त 2025 को जारी की गई। हरिद्वार जिला को इस प्रक्रिया से अलग रखा गया है। आरक्षण प्रक्रिया में प्रदेश की 12 जिला पंचायतों को शामिल किया गया, जिसमें आरक्षण चक्रानुसार विभिन्न जिलों को सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और महिला श्रेणियों के अंतर्गत रखा गया।

अंतिम आरक्षण जारी होने से पहले राजनीतिक हलकों में गहमागहमी रही। विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कुछ जिलों में आरक्षण का निर्धारण राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। देहरादून में कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के पुत्र की संभावित दावेदारी को महिला आरक्षण के चलते बाधित किया गया, ऐसा आरोप लगाया गया। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप रही है। सभी आपत्तियों को नियमानुसार निस्तारित किया गया है।
