स्वयं सहायता समूह और सरकारी सहयोग से स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनीं किरन जोशी
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाएं अब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसका जीवंत उदाहरण हैं जनपद नैनीताल के हल्द्वानी विकासखंड की किरन जोशी।

स्वयं सहायता समूह से मिला आत्मनिर्भरता का रास्ता
किरन जोशी एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। धामी सरकार के सहयोग से उन्हें सहकारी बैंक के माध्यम से ₹3,00,000 का ऋण उपलब्ध कराया गया। इस आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को नई दिशा दी और उन्होंने स्वरोजगार की ओर ठोस कदम बढ़ाया।

पहाड़ी उत्पादों से बनाई अपनी पहचान
ऋण प्राप्त होने के बाद किरन जोशी ने उत्तराखंड के पारंपरिक और शुद्ध पहाड़ी उत्पादों को व्यवसाय का रूप दिया। आज वे—
- हर्बल टी
- रायता मसाला
- ककड़ी की बड़ी
- मूंग दाल की बड़ी
- पहाड़ी पीसी नून
जैसे स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं।
इसके साथ-साथ वे रेशम पर पारंपरिक पेंटिंग बनाकर उत्तराखंड की लोककला को भी बढ़ावा दे रही हैं।
ऑनलाइन से मेलों तक, हर मंच पर बिक्री
किरन जोशी अपने उत्पादों को—
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
- स्थानीय बाजार
- मेलों और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाकर
बेचती हैं। इससे उनके स्वयं सहायता समूह को 7 से 8 लाख रुपये तक की सालाना आय हो रही है।
आत्मनिर्भर ही नहीं, बनीं प्रेरणा
आज किरन जोशी न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही नीति, सरकारी सहयोग और आत्मविश्वास मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल
यह प्रेरक कहानी दर्शाती है कि धामी सरकार की महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की महिलाएं आज हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी नई पहचान गढ़ रही हैं।
