रोजगार और सुरक्षा की पटरी पर धामी कैबिनेट ने लगाई रफ्तार!
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार को महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अंतर्गत सरकारी और निजी संस्थानों में रोजगार, स्वरोजगार योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और युवा महोत्सव व रोजगार मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

युवाओं और महिलाओं के लिए प्रमुख कदम-
- प्रतियोगी परीक्षाओं और नई तकनीकों जैसे AI, नीट, नर्सिंग, विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षण।
- आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूल के बीच समन्वय से व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा।
- मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी जैसी स्वरोजगार योजनाएं, हर ब्लॉक में प्रारंभिक चरण में 200 लोगों को प्रशिक्षण।
स्थानीय उत्पाद और रोजगार-

- राज्य में स्वैच्छिक चकबंदी योजना शुरू।
- कृषि विभाग और आईटीबीपी के बीच एमओयू से स्थानीय उत्पादों की खरीद सुनिश्चित।
- एसएसबी और निजी क्षेत्र के माध्यम से मार्केट लिंकेज से स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत।
- भूतपूर्व सैनिकों के लिए सरकारी और स्वरोजगार योजनाओं से जुड़ाव।
न्याय और सुरक्षा से जुड़े निर्णय-
- उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025: पोक्सो पीड़ितों के लिए न्यूनतम और अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि।
- उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025: साक्षियों को भय, दबाव या प्रतिशोध से मुक्त रखकर सुरक्षित गवाही देने की सुविधा।
- योजना में गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, भौतिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता जैसी व्यवस्थाएं, न्यायपालिका और पुलिस द्वारा समयबद्ध सुरक्षा।
इन निर्णयों से न केवल रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि न्याय व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत बनाया जाएगा।
