धनौला गांव की महिलाएं दीपावली पर घर-घर रोशनी फैलाने के लिए सजावटी मोमबत्तियां तैयार करती हुईं।
देहारदून। दीपावली का पर्व यानी रोशनी और खुशियों का त्योहार, इस बार राजधानी देहरादून में एक खास मिसाल बनकर सामने आ रहा है। बीते महीने आपदा से जख्मी हुए सहस्त्रधारा के ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं न सिर्फ हिम्मत से खड़ी हुईं, बल्कि उन्होंने इस पर्व को लोगों की जिंदगी में उजाला भरने का बीड़ा भी उठाया है।

देहरादून जनपद के रायपुर ब्लॉक के अंतर्गत न्याय पंचायत सरोना की ग्राम पंचायत धनौला की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं इस दीपावली पर “वोकल फॉर लोकल” की मुहिम को नई ऊंचाई दे रही हैं। वे अपने हाथों से रंग-बिरंगी, आकर्षक और सुंदर सजावटी मोमबत्तियां बना रही हैं।
महिलाओं द्वारा बनाई गई इन मोमबत्तियों की राजधानी देहरादून में खूब डिमांड है। उनका कहना है कि इस बार शहर के सैकड़ों घरों में रोशनी उन्हीं के हाथों से बनी मोमबत्तियों से होगी। महिलाएं रोजाना घंटों मेहनत कर नए डिजाइनों की मोमबत्तियां तैयार कर रही हैं, ताकि बाजार में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले।

ग्राम प्रधान ने बताया कि आपदा के बाद जब कई परिवार मुश्किल में थे, तब सरकार की योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों की बदौलत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव में रोजगार का रास्ता भी खोल रही हैं।
