देहरादून में आयोजित बैठक में मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने पर चर्चा करते अधिकारी
देहरादून। राजधानी देहरादून के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि यह प्लान आधुनिक जरूरतों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर आधारित हो। नई दिल्ली नहीं बल्कि देहरादून में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस दिशा में ठोस रणनीति तय की गई।

डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में मंथन
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मास्टर प्लान के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- मास्टर प्लान को जल्द अंतिम रूप दिया जाए
- इसे व्यवहारिक और प्रभावी बनाया जाए
- विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन सुनिश्चित किया जाए
जनभागीदारी बनेगी सबसे मजबूत आधार
इस बार मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जा रहा है।
निर्देश दिए गए हैं कि:
- नगर निगम के हर वार्ड में विशेष कैंप लगाए जाएंगे
- आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी
इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता सीधे शहर के विकास में भागीदार बनेगी।
ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मास्टर प्लान में:
- नए बाईपास और रोड कॉरिडोर
- पार्किंग सुविधाओं का विस्तार
- स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
जैसे प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
इससे शहर में जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
‘ग्रीन देहरादून’ का विजन
देहरादून की पहचान उसकी हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्लान में:
- नदी तटों का संरक्षण
- बड़े स्तर पर वृक्षारोपण
- नए ग्रीन जोन विकसित करने
पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि विकास के साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जाए।
आपत्तियों के निस्तारण के लिए नई समिति
मास्टर प्लान से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
इस समिति में:
- उपाध्यक्ष
- सचिव
- संयुक्त सचिव
को शामिल किया गया है।
समिति सभी आपत्तियों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करेगी।
मसूरी के लिए अलग विजन
बैठक में मसूरी क्षेत्र के लिए भी अलग मास्टर प्लान पर चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- मसूरी को मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए
- पर्यटन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखा जाए
निवेश और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान 2041:
- शहर में निवेश के नए अवसर खोलेगा
- कन्वेंशन सेंटर, हेल्थ सिटी और गिफ्ट सिटी जैसी परियोजनाएं लाएगा
जिससे देहरादून की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
संतुलित विकास पर जोर
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि इस बार मास्टर प्लान को पूरी पारदर्शिता और जनहित को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि:
- सभी आपत्तियों का समयबद्ध समाधान होगा
- शहर के संतुलित और व्यवस्थित विकास को प्राथमिकता दी जाएगी
