देहरादून में कांग्रेस नेताओं ने अग्निवीर योजना के खिलाफ जनजागरूकता यात्रा शुरू करने की घोषणा की, भाजपा ने कहा राजनीतिक दिखावा।
देहरादून। केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस ने अब बड़ा अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। पार्टी जल्द ही प्रदेशभर में जनजागरूकता यात्रा शुरू करने जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को योजना के “नुकसानों” से अवगत कराना है। कांग्रेस का कहना है कि यह योजना न सिर्फ युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर डालती है।

अग्निवीर योजना से युवाओं के साथ अन्याय- करण माहरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान और पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य इस योजना से सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा के बाद कुछ पैसे देकर युवाओं को घर भेज देना अन्याय है। यह सरकार जनविरोधी है। माहरा ने कहा कि राहुल गांधी पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि जिस दिन कांग्रेस की सरकार बनेगी, उसी दिन अग्निपथ योजना रद्द कर पुरानी भर्ती प्रणाली बहाल की जाएगी।

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के इस अभियान को राजनीतिक दिखावा बताया है। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस अब जनभागीदारी नहीं, बल्कि जनविरोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। अगर यह योजना गलत होती, तो फिर युवा भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा क्यों लेते? साथ ही कहा कि यह योजना युवाओं को अनुशासन, राष्ट्रसेवा और भविष्य की स्थिरता का मौका देती है।
अग्निवीर योजना: क्या है विवाद?
वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना शुरू की थी, जिसके तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। चार साल बाद केवल 25 फीसदी युवाओं को स्थायी सेवा में रखा जाता है, जबकि बाकी को सेवा निधि के साथ घर भेजा जाता है। यही बिंदु कांग्रेस के विरोध का मुख्य कारण बना हुआ है।
