सचिवालय में 5 विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं की समीक्षा करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। उत्तराखंड में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने 5 विधानसभा क्षेत्रों—थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग—में चल रही मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं को जल्द पूरा किया जा सकता है, उनमें अनावश्यक देरी न हो और विलंब करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्राथमिकता

सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और दूरस्थ इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए, ताकि पहाड़ों में बुनियादी सेवाओं का स्तर सुधर सके।
जन समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर समस्याओं का तेजी से निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकगणों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
मानसून से पहले बाढ़ नियंत्रण पर फोकस
सीएम ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि मानसून से पहले बाढ़ नियंत्रण कार्यों की व्यापक समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं और संबंधित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
चारधाम यात्रा से पहले पूरी हों तैयारियां
आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। उन्होंने होटल एसोसिएशन के साथ समन्वय बनाकर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान करने को कहा।
लंबित मामलों की अलग से समीक्षा
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि वन विभाग से जुड़े लंबित मामलों की अलग से समीक्षा की जाए और विभिन्न विभागों के बीच फाइलों के आदान-प्रदान में देरी न हो। यदि किसी प्रस्ताव को एक विभाग से दूसरे विभाग को भेजना है, तो उसे तत्काल भेजा जाए।
बैठक में रहे मौजूद
इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, आशा नौटियाल, विनोद कंडारी समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
