चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में बैठक।
देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान मोबाइल फोन से रील और ब्लॉग बनाने के बढ़ते चलन पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। धार्मिक स्थलों पर रील और वीडियो शूटिंग के दौरान सामने आ रहे विवादों को देखते हुए बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

गढ़वाल आयुक्त की बैठक में लिया गया अहम फैसला
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों की गरिमा और शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में मोबाइल फोन से रील और ब्लॉग बनाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल प्रतिबंधित
निर्णय के अनुसार:
- बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
- केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर भी श्रद्धालुओं को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी
श्रद्धालु केवल दर्शन और पूजा के उद्देश्य से ही धाम परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं के मोबाइल जमा करने की बनेगी व्यवस्था
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि धामों से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था बनाई जाए। प्रशासन की ओर से मोबाइल जमा करने और सुरक्षित लौटाने के लिए काउंटर या लॉकर सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विवादों के चलते लिया गया फैसला
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि हाल के वर्षों में धामों में रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार विवाद, अव्यवस्था और अनुशासनहीनता की घटनाएं सामने आई हैं। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।
चारधाम यात्रा की तैयारियों को तेज करने के निर्देश
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि:
- फरवरी माह तक चारधाम यात्रा प्रबंधन के लिए सभी जनपदों को धनराशि जारी कर दी जाएगी
- यात्रा मार्ग से जुड़े जिलाधिकारी तीन दिन के भीतर अत्यावश्यक कार्यों की सूची शासन को भेजेंगे
- एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर फास्ट ट्रैक मोड में कार्य शुरू किए जाएंगे
उन्होंने कहा कि समय कम है और कार्य अधिक हैं, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन का संदेश: श्रद्धा दिखाएं, रील नहीं
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि चारधाम यात्रा आस्था और साधना की यात्रा है, न कि सोशल मीडिया कंटेंट बनाने का स्थान। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे धामों की पवित्रता, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करें।
