जिलाधिकारी मनीष कुमार की संवेदनशील पहल से 50 वर्षीय महिला को मिला कृत्रिम पैर
चम्पावत। चम्पावत जनपद में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम एक बार फिर आम जनता के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया। जिलाधिकारी मनीष कुमार की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई से 50 वर्षीय महिला को कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया गया, जिससे उसका जीवन फिर से गतिमान हो सका।

कार्यक्रम में रखी थी पीड़ा
07 जनवरी को न्याय पंचायत वल्सों स्थित पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज मैदान, चौमेल में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान ग्राम सुतेड़ा निवासी मोती देवी (50 वर्ष) पत्नी पूरन सिंह ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी गंभीर समस्या रखी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से अज्ञात कारणों से उनके पैर में गंभीर बीमारी उत्पन्न हुई, जिसके चलते उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा। इसके बाद उनका चलना-फिरना बेहद कठिन हो गया और दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
डीएम मनीष कुमार की त्वरित और मानवीय पहल
महिला की पीड़ा को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए। उनके प्रयासों से उधम सिंह नगर से समन्वय स्थापित कर कृत्रिम पैर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
घर पहुंचकर लगाया गया कृत्रिम पैर
20 जनवरी को रुद्रपुर से आई विशेषज्ञ तकनीकी टीम ने मोती देवी के निवास पर पहुंचकर उन्हें कृत्रिम पैर सफलतापूर्वक लगाया। यह पूरा कार्य महिला की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए किया गया।
भविष्य की जरूरतों का भी रखा गया ध्यान
प्रशासन द्वारा महिला को केवल एक कृत्रिम पैर ही नहीं, बल्कि भविष्य में किसी तकनीकी समस्या से बचाव के लिए:
- एक अतिरिक्त कृत्रिम पैर
- नी-कैप
- आवश्यक स्क्रू व सहायक उपकरण
भी उपलब्ध कराए गए, ताकि उन्हें दीर्घकालिक राहत मिल सके।
आर्थिक सहायता के भी निर्देश
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित महिला को आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनके उपचार, पुनर्वास और जीवनयापन में कोई बाधा न आए।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रभावी पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम आज चम्पावत जनपद में प्रशासन और जनता के बीच मजबूत सेतु बन चुका है। यह कार्यक्रम त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान का सशक्त मंच साबित हो रहा है।
