नंदानगर आपदा के बाद राहत कार्यों की समीक्षा करते सांसद अनिल बलूनी व जनप्रतिनिधि
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में हाल ही में आई भयंकर आपदा ने जनजीवन को पूरी तरह से हिला दिया है। तेज बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलनों ने कुंतरी, सेरा और धुर्मा गांवों में तबाही मचा दी। इस आपदा में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं और कई परिवारों के घर मलबे में तब्दील हो गए।

सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि कृषि भूमि, सड़कें और पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीणों की आजीविका पर भी इस आपदा का गहरा असर पड़ा है।
सांसद अनिल बलूनी का दौरा

आपदा की जानकारी मिलते ही सांसद अनिल बलूनी ने प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके साथ हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक भूपाल राम टम्टा और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हरसंभव मदद करेंगी। राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।
राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सांसद ने राहत कार्यों की गति और गुणवत्ता का जायजा लिया।
- मलबा हटाने और सड़क मार्ग बहाल करने का कार्य तेज़ी से शुरू
- घायलों का इलाज और लापता लोगों की खोज प्राथमिकता पर
- प्रभावितों के लिए अस्थायी आवास और राशन की व्यवस्था
- कृषि और पशुपालन से जुड़े नुकसान का आकलन
चुनौतियां अब भी बरकरार
हालांकि राहत कार्य जारी हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं:
- संपर्क मार्गों का टूटना राहत कार्यों में बड़ी बाधा
- लगातार हो रहे भूस्खलन और बारिश से नए खतरे
- फसलों और पशुधन का नुकसान, ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर असर
सांसद ने प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को त्वरित मुआवज़ा देने के निर्देश दिए।
