उत्तराखंड में लागू हुए नए सर्किल रेट, जमीन और फ्लैट खरीदना हुआ महंगा — सरकार के राजस्व में होगी बढ़ोतरी।
देहरादून। अब देवभूमि में जमीन या मकान खरीदना सस्ता सौदा नहीं रहेगा। उत्तराखंड सरकार ने राज्यभर में नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं, जिसमें 22 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से अब जमीन, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी।

जमीन खरीदना होगा महंगा
राज्य सरकार ने यह निर्णय दो साल बाद लिया है। अब जो लोग नया घर, दुकान या फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं, उन्हें पहले से अधिक रजिस्ट्रेशन और स्टांप शुल्क देना होगा। यानी अब घर बनाने या खरीदने का खर्च सीधा बढ़ जाएगा। राजस्व विभाग अधिकारी ने कहा कि सर्किल रेट बढ़ाने का मकसद सरकार के राजस्व को मजबूत करना और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाना है।

कहां हुआ सबसे ज्यादा असर
सर्किल रेट में सबसे ज्यादा वृद्धि देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और नैनीताल जैसे शहरी इलाकों में की गई है। इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट तेजी से बढ़ रहा है और बड़ी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। सरकार ने इन्हीं इलाकों को प्राथमिकता देते हुए दरें बढ़ाई हैं।
फ्लैट और दुकानों की रजिस्ट्री भी महंगी
नए रेट के बाद अब:
- आवासीय फ्लैट, मकान और दुकानों की खरीद महंगी होगी
- बहुमंजिला भवनों और कमर्शियल स्पेस की रजिस्ट्री पर अतिरिक्त खर्च आएगा
- बड़े शहरों में संपत्ति लेन-देन की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है
राजस्व बढ़ाने की रणनीति
राज्य सरकार को उम्मीद है कि सर्किल रेट बढ़ने से स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस से करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को 5 अक्टूबर से नए रेट लागू करने के आदेश दे दिए हैं।
कब हुई थी पिछली बढ़ोतरी?
आखिरी बार 2023 में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे। तब सरकार ने औसतन 10 से 12% तक की वृद्धि की थी, लेकिन इस बार यह दर 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा है।
लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
रियल एस्टेट कारोबारियों ने कहा कि जहां इससे सरकार को फायदा होगा, वहीं प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर बोझ बढ़ेगा। वहीं कई लोगों ने इसे “सरकार की जरूरी लेकिन कड़वी दवा” बताया है।
