कांग्रेस विधायकों ने लोकतंत्र पर हमले का लगाया आरोप
देहरादून। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र डेढ़ दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन में विफलता और भ्रष्टाचार की वास्तविकता जनता के सामने उजागर होने से भयभीत थी।

कांग्रेस का आरोप
- पंचायत चुनावों में पुलिस व प्रशासन के संरक्षण में अराजक तत्वों द्वारा लोकतंत्र की हत्या हुई।
- उत्तरकाशी के धराली, पौड़ी और पिथौरागढ़ में आई आपदा के दौरान सरकार की घोर विफलता सामने आई।
- भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों से आमजन त्रस्त हैं।
- सरकार जनता की अपेक्षाओं की बजाय धनबल और बाहुबल पर निर्भर है।
मीडिया और सदन की कार्रवाई

- भाजपा समर्थित मीडिया ने झूठ फैलाया कि कांग्रेस विधायकों ने माइक, लैपटॉप और फर्नीचर तोड़फोड़ किया।
- विपक्ष का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया गया।
- स्पीकर ने बार-बार चेतावनी दी, ताकि रिकॉर्ड पर रहे और बाद में झूठ फैलाना आसान हो सके।
प्रीतम सिंह ने कहा कि यह केवल सदन की घटना नहीं, यह लोकतंत्र, पंचायती राज और राज्य निर्माण की भावना पर हमला है। यह लड़ाई सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि हर लोकतंत्र प्रेमी की है।
