नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने मंडी समिति पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।
हल्द्वानी। उत्तराखंड की मंडी समिति इन दिनों अपने कामकाज को लेकर लगातार विवादों और सवालों के घेरे में है। अब राज्य के वरिष्ठ बीजेपी नेता और नैनीताल से सांसद अजय भट्ट ने खुलेआम इस एजेंसी की जांच की मांग कर डाली है। भट्ट ने कहा कि जनता का पैसा विकास कार्यों के लिए दिया जाता है, लेकिन मंडी समितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी साफ दिखाई दे रही है।

सांसद ने अपनी ही सरकार से की कार्रवाई की मांग
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अजय भट्ट केंद्र में मंत्री हैं और प्रदेश में उनकी ही पार्टी की सरकार है। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक मंच से मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सांसद भट्ट ने कहा कि जब जनता का पैसा खर्च होता है तो हर एक रुपये का हिसाब होना चाहिए। अगर मंडी समितियों में गड़बड़ी है तो जांच होनी ही चाहिए, चाहे उसमें कोई भी शामिल क्यों न हो।

पहले भी उठा चुके हैं सवाल
अजय भट्ट इससे पहले भी मंडी समितियों के संचालन, फंड वितरण और ठेकेदारी प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कई मौकों पर कहा कि मंडी समितियों में राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। भट्ट का कहना है कि किसानों के हित में गठित ये समितियाँ अब अपना मूल उद्देश्य भूल चुकी हैं, और सरकार को इसमें सुधार के लिए कदम उठाने होंगे।
सरकार के लिए बढ़ी चुनौती
भट्ट के इस बयान के बाद विपक्ष को भी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। कांग्रेस ने सवाल किया है कि जब बीजेपी के ही सांसद और मंत्री मंडी समिति पर सवाल उठा रहे हैं, तो सरकार चुप क्यों है? राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक विभागीय स्तर पर जांच की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा।
जांच की मांग और जवाबदेही का दबाव
मंडी समितियों में हो रहे कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग अब तेज होती जा रही है। सांसद अजय भट्ट का यह बयान राज्य प्रशासन पर दबाव बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए, ताकि जनता का भरोसा कायम रहे और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।
राज्य की राजनीति में अब यह मुद्दा एक बार फिर गंभीर बहस का केंद्र बन गया है।
