काठगोदाम में आयोजित बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने पर चर्चा करते सांसद अजय भट्ट और अधिकारी
काठगोदाम। उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए सांसद अजय भट्ट की अध्यक्षता में काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इस समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा की।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के निर्देश
सांसद अजय भट्ट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वन्यजीवों द्वारा मानव पर हमलों और मौतों की घटनाओं को रोकने के लिए योजनाबद्ध और समन्वित तरीके से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए।

गांव-गांव तक जागरूकता अभियान
सांसद ने वन विभाग को निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि:
- लोगों को जंगल में जाने के सुरक्षित तरीके बताए जाएं
- वन्यजीवों के व्यवहार और खतरे को समझाया जाए
- संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था
बैठक में यह तय किया गया कि जिन इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधि अधिक है, वहां विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी।
इनमें शामिल हैं:
- सोलर लाइट और सोलर फेंसिंग लगाना
- झाड़ियों का नियमित कटान
- पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था
- जरूरत पड़ने पर जलाऊ लकड़ी उपलब्ध कराना
साथ ही, ऐसे क्षेत्रों में पहले से ही पिंजरे और कैमरे लगाए जाएंगे ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
जंगल जाने वालों के लिए नए नियम
सांसद ने कहा कि जो लोग जंगल में चारा या लकड़ी लेने जाते हैं, वे:
- अकेले न जाएं, समूह में जाएं
- तय समय के भीतर ही जंगल जाएं
- सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा गार्ड भी तैनात किए जाएंगे
वन विभाग का एक्शन प्लान
मुख्य वन संरक्षक तेजस्वनी पाटिल ने बताया कि विभाग इस दिशा में युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि:
- पर्वतीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं
- वन क्षेत्रों से सटे गांवों में चारा और जलाऊ लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है
- अभियान को और तेज किया जाएगा
चौंकाने वाले आंकड़े
बैठक में बताया गया कि नैनीताल जिले में वर्ष 2025 के दौरान वन्यजीवों और सांपों के कारण 27 लोगों की मौत हुई।
हालांकि, विभाग द्वारा सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि प्रदान की जा चुकी है।
प्रशासन की पहल
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि:
- प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत चारा उपलब्ध कराया जा रहा है
- पीड़ितों को जल्द सहायता राशि दी जा रही है
- सोलर लाइट और फेंसिंग लगाने का काम तेजी से चल रहा है
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विधायक, मेयर और वन विभाग के अधिकारी शामिल थे।
