अगस्त में चोपता और भी खूबसूरत हो जाता है।
देहरादून। मानसून के महीनों में उत्तराखंड की पहाड़ियां हरियाली से लहलहा उठती हैं, नदियों का स्वर तेज हो जाता है और बादलों के बीच से झांकती धूप मन को मोह लेती है। अगस्त का महीना उत्तराखंड घूमने के लिए एक ऐसा समय है, जब पहाड़ सबसे ज़्यादा जीवंत और सुंदर दिखाई देते हैं। हालांकि इस दौरान बारिश भी काफी होती हैं। आज हम आपको उत्तराखंड की ऐसी 10 शानदार जगहों के बारे में बताएंगे, जहां अगस्त में घूमना न सिर्फ संभव है, बल्कि दिल को ताजगी और आंखों को सुकून देगा।

1. चोपता – मानसून की रानी
क्यों जाएं: “मिनी स्विट्ज़रलैंड” कहलाने वाला चोपता अगस्त में और भी खूबसूरत हो जाता है। हरे भरे बुग्याल, टंगनाथ ट्रेक और बादलों में छिपी चोटियाँ इसे रोमांटिक और रोमांचक दोनों बनाती हैं।

क्या करें:
- टुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक
- कैम्पिंग
- बर्ड वॉचिंग
2. औली – बारिश के बाद की ताजगी
क्यों जाएं: आमतौर पर औली विंटर डेस्टिनेशन मानी जाती है, लेकिन अगस्त में यहां की हरियाली, नंदा देवी के दर्शन और शांति, इसे एक ऑफबीट मानसून गेटवे बनाते हैं।
क्या करें:
- रोपवे राइड
- ट्रैकिंग व नंदा देवी व्यू
3. धनोल्टी – मसूरी से शांत और सुन्दर
क्यों जाएं: अगस्त में जब मसूरी पर्यटकों से भरा रहता है, धनोल्टी शांत, ठंडी और फुलवारी जैसा एहसास देता है। देवदार और बांज के जंगल, साथ में इको पार्क।
क्या करें:
- इको पार्क विज़िट
- ऐप्पल ऑर्चर्ड्स
- होमस्टे लाइफ
4. मुनस्यारी – मानसून की गोद में पिथौरागढ़
क्यों जाएं: पंचचुली की बर्फीली चोटियाँ मानसून में बादलों के बीच से झांकती हैं। यह जगह फोटोग्राफर्स और एडवेंचर लवर्स के लिए परफेक्ट है।
क्या करें:
- खालिया टॉप ट्रेक
- बिर्थी फॉल्स
- लोकल शॉपिंग
5. कौसानी – महात्मा गांधी का पसंदीदा हिल स्टेशन
क्यों जाएं: अगस्त में बारिश के बाद कौसानी की वादियाँ चाय बागानों की खुशबू से भर जाती हैं। यहां से हिमालय की रेंज साफ नजर आती है।
क्या करें:
- अनाशक्ति आश्रम
- कौसानी टी एस्टेट
- सनराइज़ व्यू
6. भीमताल और नौकुचियाताल – मानसून में झीलों की खूबसूरती
क्यों जाएं: नैनीताल से कम भीड़, ज़्यादा शांति और मानसून में झीलों की चमक देखते ही बनती है।
क्या करें:
- बोटिंग
- पैराग्लाइडिंग (यदि मौसम अनुमति दे)
- झील के किनारे कैफे अनुभव
7. रामगढ़ – मानसून में कवियों की घाटी
क्यों जाएं: बारिश में यह जगह धुंध, सेब के बागानों और साहित्यिक इतिहास से भर जाती है। टैगोर और महादेवी वर्मा की छाया आज भी यहाँ महसूस होती है।
क्या करें:
- होमस्टे स्टे
- स्थानीय फलों की ताजगी
- काव्य और प्रकृति का संगम
8. टिहरी झील – मॉनसून में एडवेंचर का मज़ा
क्यों जाएं: टिहरी झील मानसून में भर जाती है और वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त रहती है। बादलों के बीच बोटिंग और जेट स्की का अपना मज़ा है।
क्या करें:
- बोटिंग
- जेट स्कीइंग
- आसपास के गाँवों का लोकजीवन
9. बिनसर (अल्मोड़ा)
क्यों जाएं: अल्मोड़ा का बिनसर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी अगस्त में बादलों और हरियाली का कॉम्बो ऑफर करता है।
10. देवप्रयाग और ऋषिकेश – मानसून में धार्मिक और नेचर का मेल
क्यों जाएं: गंगा का संगम स्थल देवप्रयाग मानसून में और भी भव्य दिखाई देता है। वहीं ऋषिकेश में योग और रेन वॉक का आनंद अलग होता है।
क्या करें:
- त्रिवेणी घाट आरती
- मानसून वॉक
- राफ्टिंग (यदि मौसम अनुमति दे)
यात्रा टिप्स (Travel Tips for August in Uttarakhand)
- कपड़े: वाटरप्रूफ जैकेट, अच्छे ग्रिप वाले शूज़, छाता या रेन कोट
- सावधानी: लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों की जानकारी रखें
- बेस्ट ट्रैवल मोड: टैक्सी या प्राइवेट कार, ट्रेन से काठगोदाम / हरिद्वार तक
- बुकिंग: मानसून ऑफ सीजन होने के कारण होटल सस्ते मिलते हैं
अगस्त में उत्तराखंड वह रंग दिखाता है जो किसी और महीने में नहीं दिखते। हरियाली, बरसात की ठंडक, लोक जीवन की सहजता और ट्रैवल का रोमांच – ये सब मिलकर इसे मानसून का स्वर्ग बना देते हैं।
