धनगढ़ी गेट पर स्वागत के बाद ढिकाला सफारी में प्रवेश करते देश–विदेश के पर्यटक
रामनगर। उत्तराखंड आने वाले प्रकृति प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का सबसे लोकप्रिय ढिकाला पर्यटन जोन आखिरकार पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मानसून के बाद करीब पाँच महीने बंद रहने के बाद ढिकाला के खुलते ही जंगल में फिर से रौनक लौट आई है। सुबह 6 बजे धनगढ़ी गेट पर पर्यटकों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और वन अधिकारियों ने पहली सफारी को हरी झंडी दिखाकर प्रवेश कराया।

ढिकाला क्यों रहता है बंद?
हर साल 15 जून से 14 नवंबर तक ढिकाला जोन बंद रहता है। इसका कारण है—
- बरसात के दौरान नदियों में तेज उफान
- जंगल की सड़कों का टूटना
- जंगली जानवरों की सुरक्षा
मानसून खत्म होते ही ढिकाला को फिर से खोला जाता है।
कॉर्बेट का सबसे रोमांचक सफारी जोन
ढिकाला जोन को दुनिया के टॉप फॉरेस्ट सफारी स्पॉट्स में गिना जाता है। यहां पर्यटक—
- कैंटर डे विजिट सफारी
- जंगल के बीच बने गेस्ट हाउस में नाइट स्टे
दोनों का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं। घना जंगल, शांत नदी और वन्य जीवों की विविधता इसे सबसे खास बनाती है।
पहले ही दिन जमकर उत्साह
ढिकाला खुलते ही देश–विदेश के पर्यटक सुबह से ही गेट पर कतार में खड़े नजर आए। कई लोगों ने महीनों पहले ही ऑनलाइन बुकिंग करा रखी थी ताकि वे—
- बंगाल टाइगर
- हाथियों के बड़े झुंड
- गुलदार
- हिरण व सांभर
- जंगली सूअर
- मगरमच्छ
- दुर्लभ पक्षी प्रजातियां को प्राकृतिक आवास में देख सकें।
नाइट स्टे 31 दिसंबर तक फुल बुक
वन विभाग के अनुसार, ढिकाला जोन में कुल 41 कमरे हैं और सभी नाइट स्टे 31 दिसंबर तक पूरी तरह बुक हो चुके हैं।
नाइट स्टे की वजह से ही ढिकाला को कॉर्बेट का सबसे रोमांचक ठिकाना माना जाता है।
पर्यटकों के लिए क्या खास रहेगा इस सीजन
- टाइगर स्पॉटिंग का बेहतर मौका
- हाथियों और हिरणों की बढ़ी हुई गतिविधि
- नदी किनारे मगरमच्छों के दिखने की संभावना
- घने जंगल में रोमांचक सफारी अनुभव
- बर्ड वॉचिंग का बढ़िया समय
ढिकाला जोन के खुलने के साथ ही उत्तराखंड का पर्यटन सीजन अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। वन्यजीव प्रेमियों, फोटोग्राफरों और एडवेंचर ट्रैवलर्स के लिए यह समय बेहद खास माना जाता है, क्योंकि जंगल में गतिविधि चरम पर होती है। वन विभाग का कहना है कि सभी पर्यटकों को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए जंगल की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उम्मीद है कि इस बार का सफारी सीजन कॉर्बेट आने वाले हर पर्यटक को यादगार अनुभव देकर लौटाएगा।
