उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कुछेक अधिकारियों को छोड़ दिया जाए तो बाकी का रवैया ऐसा रहता है मानो उन्हें काम करने के लिए पहाड़ तोड़ने जाना पड़ता हो।

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि यहां तक कि उत्तराखंड मूल के अधिकारी और कर्मचारी भी राज्य को अपना मानकर काम नहीं करते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बाहर से आए कई शिक्षक पूरे कार्यकाल में पहाड़ों में डटे रहे और वहीं से सेवानिवृत्त हुए, जबकि खुद को पहाड़ी कहने वाले अधिकारी सीधे देहरादून ट्रांसफर ले लेते हैं।
तीरथ सिंह रावत ने कहा कि पहले हम कहते थे कि लखनऊ में काम नहीं होता, इसलिए राज्य अलग होना चाहिए।लेकिन अब राज्य भी अलग हो गया है, सचिवालय में अधिकारी भी उत्तराखंड के ही हैं, फिर भी वे काम क्यों नहीं करते?

