यमुना घाटी में बनी अस्थायी झील से बढ़ा खतरा
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं। पहले हर्षिल क्षेत्र में बनी अस्थायी झील ने चिंता बढ़ाई और अब यमुनोत्री राजमार्ग के स्याना चट्टी कस्बे में बड़ी झील बनने से हालात बिगड़ गए हैं।

आधे किलोमीटर लंबी और करीब 300 मीटर चौड़ी इस अस्थायी झील ने इलाके के होटल, मकान, स्कूल और पुल को अपनी चपेट में ले लिया है। खतरा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों पर भी आपदा का साया मंडरा रहा है।
बचाव अभियान जारी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। अब तक करीब 150 लोगों को पुलिस और प्रशासन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुका है।

कैसे बनी झील?
कुपड़ा और कुनसाला गांव के पास बहने वाले गदेरे ने यमुना नदी का बहाव रोक दिया, जिससे यह झील बनी। पहले भी यमुना नदी को चैनलाइज करने का प्रयास किया गया था, लेकिन तेज बहाव के कारण इसे स्थायी रूप से डाइवर्ट नहीं किया जा सका।
प्रशासन की निगरानी
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्मार्ट आपदा कंट्रोल रूम से लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि झील का दबाव कम किया जाए और लोगों को किसी बड़ी आपदा से सुरक्षित रखा जा सके।
