फायरिंग गैंग अब सलाखों के पीछे
नैनीताल। बेतालघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी अमृतपाल उर्फ पन्नू सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अब तक कुल 09 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। घटना में प्रयुक्त देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।

14 अगस्त को बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी के समर्थकों ने प्रतिद्वंदी समर्थकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर सशस्त्र विद्रोह किया था। इस हमले में महेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ गोधन सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। वादी की तहरीर पर थाना बेतालघाट में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल, प्रहलाद नारायण मीणा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य फरार अपराधी सहित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की और तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष अनीश अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार दबिश, CCTV फुटेज और सर्विलांस के जरिए अथक प्रयास किए।

इसके परिणामस्वरूप 20 अगस्त को जिला लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) के भीरा कस्बे में पंजाब मेडिकल स्टोर के पास आरोपी घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी के समय उनके पास घटना में प्रयुक्त 01 देशी पिस्टल 32 बोर और 03 जिंदा कारतूस बरामद हुए। संदिग्ध वाहन थार (UK18U-5002) का भी पीछा किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त –
- अमृतपाल उर्फ पन्नू (मुख्य आरोपी)
- गुरमीत सिंह उर्फ पारस
- प्रदीप सिंह उर्फ शॉकर
अमृतपाल के विरुद्ध पहले ही हत्या के प्रयास में अभियोग दर्ज था, जबकि प्रदीप के खिलाफ मारपीट और धोखाधड़ी के दो अभियोग पंजीकृत हैं। गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष अनीश अहमद, उ.नि. फिरोज (साइबर सेल), हे.का. मंजीत (चोरगलिया), और का. संदीप सिंह व संदीप दोसाद (रामनगर) शामिल थे।
SSP नैनीताल ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान शांति भंग करने या असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी कड़ी और सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।
