समान नागरिक संहिता
देहरादून। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लागू किया है। इसके अंतर्गत अब राज्य सरकार ने विवाह पंजीकरण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि 26 जनवरी 2026 तक विवाह पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क होगा।

नि:शुल्क विवाह पंजीकरण से लोगों को राहत
राज्य सरकार के इस निर्णय से हजारों नवविवाहित जोड़ों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले विवाह पंजीकरण में शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब निर्धारित अवधि तक इसे पूरी तरह मुफ्त कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से लोग अधिक संख्या में विवाह पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे और पंजीकरण प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।

UCC के तहत पारदर्शिता और समानता
समान नागरिक संहिता का प्रमुख उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है। विवाह, तलाक, गोद लेना और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान नियम लागू होंगे। विवाह पंजीकरण को नि:शुल्क करने के फैसले को सरकार ने पारदर्शिता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सरकार का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि UCC लागू करने का उद्देश्य समाज में समानता और न्याय की स्थापना करना है।नि:शुल्क विवाह पंजीकरण से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और यह सुनिश्चित होगा कि हर विवाह कानूनी रूप से दर्ज हो।
आगे क्या?
26 जनवरी 2026 के बाद विवाह पंजीकरण के लिए शुल्क लागू किया जाएगा, लेकिन तब तक राज्य में शादी करने वाले सभी जोड़े इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
