पूर्व CM हरीश रावत ने धामी सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
देहरादून। उत्तराखंड सरकार आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक सदन के पटल पर रखने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई। बीजेपी का कहना है कि इस अधिनियम से न केवल शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।

वहीं, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नाम बदलने पर तुली हुई है।नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, सोच बदलनी होगी।हरीश रावत ने आगे कहा कि मदरसा शब्द उर्दू का है और इसका अपना इतिहास है।यह देश की गंगा–जमुनी तहजीब का प्रतीक है।अगर कोई समुदाय शिक्षा को आगे बढ़ा रहा है, तो सरकार को उससे परहेज़ क्यों है?
