पंचायत चुनावों पर हरदा का बड़ा हमला
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पंचायत चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ दल और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद होते हैं, लेकिन इस बार सत्ता पक्ष ने पुलिस और प्रशासन के सहयोग से पूरी प्रक्रिया को अपहृत कर लिया।

पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव में प्रशासन ने सत्तारूढ़ दल को मदद करने का काम किया। उन्होंने कहा कि हम पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं, लेकिन पुलिस और प्रशासन सत्तारूढ़ दल के लिए वोट जुटाने और लुटवाने का काम कर रहे हैं। बेतालघाट में गोलियां चलीं, जिसमें अब भी एक व्यक्ति घायल है। हमारी महिला जिला पंचायत सदस्यों के पतियों को गायब किया गया। अल्मोड़ा में छह मतदाताओं को पुलिस की वर्दी में धमकाया गया कि अगर जिंदगी चाहिए तो बीजेपी को वोट दो। नैनीताल में कांग्रेस सदस्यों को जबरन उठाकर ले जाया गया।

कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर और नैनीताल पुलिस पर आरोप
पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस नेता यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक संजीव आर्य और अन्य नेताओं पर दर्ज हुई FIR सत्ता पक्ष के दबाव में कराई गई है। उन्होंने नैनीताल पुलिस पर साजिशन कांग्रेस नेताओं को फंसाने का आरोप लगाया।
पंचायत चुनाव परिणाम पर टिप्पणी
हरीश रावत ने कहा कि पंचायत चुनाव में लगी सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया। पुलिस, प्रशासन और गुंडा तत्वों के साथ मिलकर चुनाव परिणामों का अपहरण किया गया। पंचायती राज व्यवस्था को नष्ट करने और लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस का आगे का आंदोलन
हरदा ने घोषणा की कि सितंबर से कांग्रेस “न्याय यात्रा” शुरू करेगी और पंचायत चुनावों में हुई गड़बड़ियों के बारे में जनता को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी देहरादून या नैनीताल में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है।
