ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा
देहरादून। देवभूमि के वीर सपूत और देहरादून निवासी ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा ने ऑपरेशनसिंदूर में अद्वितीय साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। आतंकियों के ठिकानों और पाकिस्तानी सैन्य अड्डों को ध्वस्त कर उन्होंने भारतीय वायुसेना की ताकत और जज़्बे को पूरी दुनिया के सामने साबित किया।

भारतीय वायुसेना के इस शौर्यपूर्ण अभियान में ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा के नेतृत्व और रणनीतिक कौशल ने निर्णायक भूमिका निभाई। उनके अभूतपूर्व योगदान और वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया, जो भारत का तीसरा सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है।
यह गौरवशाली उपलब्धि न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है। उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, समर्पण और देशभक्ति का अमूल्य उदाहरण है।

