खटीमा के नगला तराई में आधुनिक मॉडल प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
खटीमा। उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा स्थित नगला तराई में आधुनिक सुविधाओं से तैयार मॉडल प्राथमिक विद्यालय का उद्घाटन किया। विद्यालय के आधुनिकीकरण और पुनर्निर्माण के बाद अब यहां पढ़ने वाले बच्चों को स्मार्ट क्लास, आधुनिक कक्षाओं और STEM लैब जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि STEM लैब के माध्यम से बच्चे खेल-खेल में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित की व्यावहारिक जानकारी हासिल कर सकेंगे।

विद्यालय के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने न केवल आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उनका उत्साह भी बढ़ाया। उन्होंने स्कूली बच्चों से बातचीत की, उन्हें चॉकलेट और उपहार वितरित किए तथा बच्चों को झूला भी झुलाया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार से बच्चे खासे उत्साहित नजर आए। इस दौरान ग्रामीणों में भी कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
नगला तराई मॉडल स्कूल में तैयार हुईं पांच आधुनिक कक्षाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड (IGL) और विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से तैयार किए गए आधुनिक मॉडल स्कूल का लोकार्पण करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह गौरव का विषय है कि नगला तराई में बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
वर्तमान में इस विद्यालय में करीब 70 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में पांच आधुनिक कक्ष तैयार किए गए हैं। इनमें विशेष रूप से विकसित STEM लैब भी शामिल है। इस लैब में बच्चों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े विषयों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट क्लास और प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और नई चीजें सीखने की क्षमता विकसित करना भी है।
सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण का उल्लेख किया, जिसमें सीमांत गांवों को देश के अंतिम गांव के बजाय भारत के प्रथम गांव के रूप में देखने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सीमांत और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। जरूरत इन संभावनाओं को पहचानकर स्थानीय लोगों को अवसर उपलब्ध कराने की है।
उन्होंने कहा कि खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में बागवानी, कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और युवाओं के स्टार्टअप के लिए बेहतर अवसर हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। वहीं युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नए प्रयास किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने मधुमक्खी पालन यानी मौन पालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ गांवों तक पहुंचे और स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार के नए रास्ते तैयार हों।
32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए जारी किए चार करोड़ रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं और बेहतर शैक्षणिक संसाधनों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। इस राशि से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने और आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा कक्षा एक से 12वीं तक के करीब 1 लाख 45 हजार छात्र-छात्राओं को नोटबुक उपलब्ध कराने के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि संसाधनों की कमी उनकी शिक्षा में बाधा न बने।
87 स्कूलों में वर्चुअल और 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश के विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़ना जरूरी है। सरकार इस दिशा में भी लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि कक्षा 11वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के साथ-साथ महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी टैबलेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके साथ ही प्रदेश के 87 माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास, 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और 16 माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन सुविधाओं के शुरू होने से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी वही शैक्षणिक सुविधाएं मिलें, जो बेहतर संसाधनों वाले निजी विद्यालयों में उपलब्ध होती हैं।
थारू राजकीय इंटर कॉलेज में तीन करोड़ से अधिक की डिजिटल लाइब्रेरी तैयार
मुख्यमंत्री ने खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि पीएम श्री थारू राजकीय इंटर कॉलेज में तीन करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण और विद्यालय के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है।
इसके अलावा रुद्रपुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिला पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है। वहीं खटीमा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में नए भवन के निर्माण से छात्राओं को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिल रही निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन देना सरकार की प्राथमिकता है। कई बार आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभाशाली बच्चे महंगी कोचिंग का लाभ नहीं ले पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 152 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा आठ से 10 तक पढ़ने वाले 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है।
इसके साथ ही कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी भी विद्यार्थी का सपना केवल आर्थिक तंगी के कारण अधूरा न रह जाए। ग्रामीण और सामान्य परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
65.07 लाख रुपये के विकास कार्यों का भी किया लोकार्पण
मॉडल प्राथमिक विद्यालय नगला तराई के उद्घाटन के साथ मुख्यमंत्री ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में 65.07 लाख रुपये की लागत से तैयार मंच और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का भी लोकार्पण किया।
इन कार्यों से विद्यालय के परिसर को बेहतर स्वरूप मिलने के साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला पंचायत सदस्य सूरज धामी, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा, दिनेश राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, इंडिया ग्लाइकोल्स के निदेशक आलोक सिंघल, राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
