मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में NIM उत्तरकाशी के सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया।
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतारोहियों ने एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता, साहस और अनुशासन का परिचय देते हुए ऊंची पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण की उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी की ओर से संचालित सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पर्वतारोहण अभियानों में शामिल सभी सदस्यों को बधाई दी और चुनौतीपूर्ण हिमालयी परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की सफलता केवल एक अभियान की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह युवाओं को साहसिक खेलों, पर्वतारोहण और कठिन परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करने वाली मिसाल भी है।
एकांकागुआ से नुन-कुन तक पर्वतारोहियों की बड़ी उपलब्धि

NIM की ओर से संचालित इन अभियानों में अर्जेंटीना की माउंट एकांकागुआ चोटी का संयुक्त अभियान और नुन-कुन पर्वत श्रृंखला में तीन चोटियों पर सफल आरोहण विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अभियानों में पर्वतारोहियों ने कठिन मौसम, ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जिस तरह टीम भावना और अनुशासन के साथ लक्ष्य हासिल किया, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने पर्वतारोहियों की साहस, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां उत्तराखंड के साथ-साथ पूरे देश में साहसिक गतिविधियों के प्रति युवाओं का उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
6961 मीटर ऊंचे माउंट एकांकागुआ पर सफल आरोहण
NIM और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम के संयुक्त अभियान दल ने अर्जेंटीना स्थित माउंट एकांकागुआ पर सफल आरोहण किया।
माउंट एकांकागुआ की ऊंचाई 6,961 मीटर है। इस अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय अभियान दल ने 22 फरवरी 2026 को इस पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया।
यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।
नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर एक ही अभियान में सफलता
NIM के नुन-कुन अभियान-2026 ने भी पर्वतारोहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। इस अभियान का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया।
अभियान दल ने सबसे पहले 15 अगस्त 2026 को 7,077 मीटर ऊंचे माउंट कुन पर सफल आरोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की गई इस सफलता ने अभियान को विशेष महत्व दिया।
इसके बाद अभियान दल ने अपने मिशन को जारी रखते हुए 26 अगस्त 2026 को 5,908 मीटर ऊंची माउंट डेल्टा-41 चोटी पर सफल आरोहण किया।
अभियान की तीसरी बड़ी सफलता 31 अगस्त 2026 को मिली, जब दल ने 7,135 मीटर ऊंची माउंट नुन चोटी पर भी सफलतापूर्वक आरोहण किया।
इस तरह एक ही अभियान के दौरान दल ने नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन अलग-अलग चोटियों पर सफल आरोहण पूरा किया।
पर्वतारोहण सिर्फ रोमांच नहीं, नेतृत्व और अनुशासन का प्रशिक्षण भी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतारोहण केवल ऊंची चोटियों तक पहुंचने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के भीतर धैर्य, नेतृत्व, अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता और टीम के साथ काम करने की भावना विकसित करता है।
उन्होंने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने लंबे समय से पर्वतारोहण, साहसिक खेल, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संस्थान में युवाओं को कठिन पर्वतीय परिस्थितियों से निपटने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उनमें विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और टीम के साथ लक्ष्य हासिल करने की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है।
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराती हैं।
हिमालयी क्षेत्र में मौजूद ऊंची पर्वत चोटियां, ग्लेशियर और चुनौतीपूर्ण भू-भाग पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों के लिए उत्तराखंड को विशेष पहचान देते हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पर्वतारोहण अभियानों में मिलने वाली सफलताएं युवाओं को साहसिक खेलों से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में भी योगदान देती हैं।
NIM की उपलब्धियों से युवाओं को मिल रही प्रेरणा
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी का नाम देश के प्रमुख पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थानों में लिया जाता है। संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से अभियान संचालित करने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अभियानों की सफलता से युवाओं में साहसिक गतिविधियों को लेकर रुचि बढ़ेगी और वे पर्वतारोहण तथा अन्य साहसिक खेलों को करियर और कौशल विकास के अवसर के रूप में भी देख सकेंगे।
कार्यक्रम में ये अधिकारी और पर्वतारोही रहे मौजूद
फ्लैग-इन कार्यक्रम में विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित कुमार सिन्हा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स, पहलगाम के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार सहित NIM के अधिकारी और विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों में शामिल सदस्य उपस्थित रहे।
