मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट की जानकारी देते युवा नवोन्मेषक रवि टम्टा।
देहरादून। उत्तराखंड के युवा अब तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में फ्लाइंग कार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे युवा नवोन्मेषक और स्टार्टअप उद्यमी रवि टम्टा ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान रवि टम्टा ने मुख्यमंत्री को अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट से जुड़ी तकनीकी जानकारी, अब तक हुई प्रगति और आने वाले समय की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने रवि टम्टा के तकनीकी प्रयोग और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को सही मंच, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार ऐसे युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
CM धामी बोले- युवाओं के सपनों को पंख देना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर तकनीक, स्टार्टअप और नवाचार का है। उत्तराखंड के युवा भी तेजी से बदलती तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं के नए विचारों की सराहना करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखण्ड के युवाओं के सपनों को पंख देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारे युवा नए विचारों और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सरकार उनके नवाचार को केवल प्रोत्साहित ही नहीं करेगी, बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव सहयोग भी प्रदान करेगी।”
उद्योग सचिव को दिए स्टार्टअप को सहयोग के निर्देश
रवि टम्टा से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर ही सचिव उद्योग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रवि टम्टा के स्टार्टअप को नियमानुसार उपलब्ध कराए जा सकने वाले शासकीय सहयोग और सहायता की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सरकार की मौजूदा स्टार्टअप और औद्योगिक नीतियों के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ इस तरह के नवाचार से जुड़े युवाओं को दिलाने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जाए। साथ ही प्रोजेक्ट से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं में भी नियमानुसार सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट पर रवि टम्टा ने दी तकनीकी जानकारी
मुलाकात के दौरान रवि टम्टा ने मुख्यमंत्री को अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे इस क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं और तकनीक को और विकसित करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
उन्होंने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, तकनीकी नवाचार और भविष्य में इसे आगे ले जाने की योजना के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। फ्लाइंग कार जैसे प्रयोग को लेकर तकनीकी विकास के साथ-साथ भविष्य में इसके व्यावहारिक उपयोग, सुरक्षा और नियामकीय मानकों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहाड़ी राज्य में नई तकनीक से कनेक्टिविटी की संभावनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में नई तकनीकों के प्रयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य के कई क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं और वहां परिवहन एवं कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती रहती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच और कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की आधुनिक तकनीक से जुड़े किसी भी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियामकीय नियमों का पूरी तरह पालन आवश्यक होगा।
AI, ड्रोन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी आगे बढ़ रहे उत्तराखंड के युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयरोस्पेस और अन्य आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में भी नए प्रयोग कर रहे हैं।
ऐसे नवाचारों से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही इससे प्रदेश में नई कंपनियों, स्टार्टअप और तकनीक आधारित उद्यमों को बढ़ावा मिलने की संभावना भी बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को ऐसा इकोसिस्टम मिले, जहां वे अपने आइडिया पर काम कर सकें, स्टार्टअप शुरू कर सकें और अपने नवाचार को व्यावसायिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
‘नया उत्तराखंड’ युवाओं के इनोवेशन से बनेगा: CM धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया उत्तराखंड केवल बड़ी विकास परियोजनाओं से नहीं बनेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के नए विचारों, तकनीकी प्रयोगों, नवाचार और उद्यमिता से भी इसकी मजबूत नींव तैयार होगी।
उन्होंने कहा, “नया उत्तराखण्ड केवल विकास परियोजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं के नए विचारों, नवाचार और उद्यमिता से भी बनेगा। हमारी कोशिश है कि उत्तराखण्ड का कोई भी प्रतिभाशाली युवा संसाधनों के अभाव में अपने सपने को अधूरा न छोड़े।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। युवाओं के नए प्रयोगों को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनाया जा सकता है।
सरकार का फोकस- इनोवेशन को अवसर और स्टार्टअप को सहयोग
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बेहतर स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने आइडिया और तकनीकी क्षमता के दम पर नए उद्यम खड़े करें और दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
रवि टम्टा के फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देश को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इससे प्रदेश में तकनीक आधारित स्टार्टअप और नए इनोवेशन को प्रोत्साहन देने की सरकार की नीति भी सामने आती है।
मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
