मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भाग लेने की अपील की।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और देशभक्ति की भावना को मजबूत करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति नागरिकों के समर्पण, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना से जुड़ा अभियान है। तिरंगा भारत की अस्मिता, स्वाभिमान, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्रध्वज का सम्मान करे और उसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाए।
मुख्यमंत्री आवास से दिया प्रदेशवासियों को संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर तिरंगा लगाकर अभियान के प्रति जनभागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के पीछे करोड़ों देशवासियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान रहा है। राष्ट्रीय ध्वज इसी गौरवशाली इतिहास और देश की एकता का प्रतीक है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को केवल कुछ स्थानों तक सीमित न रखते हुए इसे हर परिवार और हर नागरिक तक पहुंचाया जाए। घर-घर तिरंगा फहराने से देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूती मिलेगी।
‘हर घर तिरंगा’ जनभागीदारी का अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब व्यापक जनभागीदारी का रूप ले चुका है। अभियान का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के माध्यम से देश की एकता और अखंडता से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि जब देश का प्रत्येक नागरिक तिरंगे के सम्मान के साथ इस अभियान में शामिल होता है तो इससे राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सामूहिक गौरव की भावना मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें।
उत्तराखंड की वीरभूमि से राष्ट्रभक्ति का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देशसेवा और सैन्य परंपरा से भी जुड़ी हुई है। प्रदेश के हजारों जवान भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों में सेवाएं देकर देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उत्तराखंड की वीरभूमि ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे गौरवशाली इतिहास वाले प्रदेश के प्रत्येक परिवार को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेना चाहिए। तिरंगे को घर पर फहराना देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है।
बच्चों और युवाओं को भी तिरंगे के सम्मान से जोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को तिरंगे के इतिहास, उसके सम्मान और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की गाथाओं से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से यह भी आग्रह किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय ध्वज संहिता का पूरी तरह पालन किया जाए। तिरंगे की गरिमा और सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
‘तिरंगे का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा केवल कपड़े का एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता, स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। इसके तीनों रंग और अशोक चक्र देश के गौरवशाली मूल्यों की याद दिलाते हैं।
उन्होंने कहा कि जब हर घर पर तिरंगा लहराएगा तो यह दृश्य देश की एकता और सामूहिक राष्ट्रभावना का प्रतीक बनेगा। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अभियान में सहभागी बनने और अपने स्तर से अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने किया एकजुट होकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाएं और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ देश के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अपने घर पर तिरंगा जरूर लगाएं, ध्वज संहिता का पालन करें और परिवार के सदस्यों, बच्चों तथा युवाओं को भी राष्ट्रध्वज के सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि तिरंगे की आन, बान और शान के साथ राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को और मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
