मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
देहरादून। देहरादून में सोमवार को आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के सरकारी और निजी विद्यालयों के 11वीं और 12वीं कक्षा के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के विद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत भी हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के विचार केवल मंच तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विद्यार्थियों से मिले उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों और योजनाओं में शामिल करने पर गंभीरता से काम किया जाएगा।

2828 स्कूलों के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रदेश के 2828 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रदेश के विकास, शिक्षा, खेल, रोजगार, पर्यटन और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी सोच और सुझाव रखने का अवसर देना था।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के सामने उत्तराखंड के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। छात्रों ने खेलों को बढ़ावा देने, स्कूलों में खेल गतिविधियों के लिए अधिक समय निर्धारित करने, शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की जरूरत बताई।
इसके अलावा विद्यार्थियों ने उत्तराखंड में पर्यटन को और मजबूत करने तथा विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर भी अपने विचार साझा किए।
छात्रों के सुझाव अधिकारियों ने किए नोट, बनेगी कार्ययोजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों की ओर से दिए गए सुझावों को गंभीरता से लिया। उन्होंने संवाद के दौरान कई सुझाव स्वयं नोट किए और संबंधित अधिकारियों को इन सुझावों के आधार पर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सोच और उनके सुझाव प्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार छात्रों की ओर से दिए गए व्यवहारिक और उपयोगी सुझावों को अपनी नीतियों में शामिल करने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में उनकी सोच, प्रतिभा और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ना जरूरी है।
निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए आयोजित निबंध प्रतियोगिता को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
इतना ही नहीं, चयनित विद्यार्थियों को NEET, JEE, CLAT और SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यक अन्य शुल्कों का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक कारणों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें।
‘नंबर से ज्यादा विषय की समझ जरूरी’
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परीक्षा में केवल अच्छे अंक हासिल करना ही सफलता का पैमाना नहीं है। विद्यार्थियों के लिए विषय को समझना और उसे व्यवहारिक जीवन से जोड़ना अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई को बोझ की तरह लेने के बजाय इसे अपने भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम समझना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव लाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संस्कार और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ अनुशासन और सही दिशा में मेहनत हो तो सफलता हासिल करना संभव है।
‘लीडर वही जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करे’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लीडर बनने का मतलब केवल किसी पद पर पहुंचना नहीं है। अपने क्षेत्र में पूरी ईमानदारी, मेहनत और लगन के साथ बेहतर काम करने वाला व्यक्ति भी नेतृत्व करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने काम के प्रति समर्पण, समाज के प्रति संवेदनशीलता और लगातार बेहतर करने की इच्छा किसी भी व्यक्ति को अलग पहचान दिला सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में वास्तविक सफलता केवल खुद आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है। युवाओं को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का इस्तेमाल समाज तथा प्रदेश के विकास के लिए करना चाहिए।
संकल्प में विकल्प नहीं होना चाहिए: सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जरूरी है। चुनौतियां आएंगी, लेकिन उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने जीवन में संकल्प लेना चाहिए और उस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। दृढ़ संकल्प के साथ किए गए प्रयास सफलता की राह को आसान बनाते हैं।
AI का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी सोच को कमजोर न होने दें
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण सलाह दी।
उन्होंने कहा कि AI आज के समय में उपयोगी और ज्ञानवर्धक तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को किसी भी विषय पर सबसे पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनके अनुभव से सीखने के बाद जरूरत पड़ने पर AI की मदद ली जा सकती है। तकनीक विद्यार्थियों की सहयोगी होनी चाहिए, लेकिन उसे उनकी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं बनना चाहिए।
पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलों को भी पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद प्रदेश में खेलों को लेकर युवाओं के बीच नई ऊर्जा देखने को मिली है।
उन्होंने कहा कि आज राज्य के युवा विभिन्न खेल विधाओं में अपना भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से ही प्रोत्साहित करने के लिए सरकार काम कर रही है।
छात्रों के लिए हमेशा खुला रहेगा संवाद का रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार खुलकर सरकार के सामने रखने चाहिए। सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि युवाओं और सरकार के बीच लगातार संवाद से न केवल समस्याओं को समझने में मदद मिलती है, बल्कि प्रदेश के भविष्य के लिए बेहतर नीतियां तैयार करने का रास्ता भी खुलता है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपनों को लेकर स्पष्ट रहें, लगातार मेहनत करें और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं।
‘आज के विद्यार्थी ही कल संभालेंगे उत्तराखंड और देश की जिम्मेदारी’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे। इसलिए युवाओं के विचारों, सपनों और उनकी क्षमताओं को सही दिशा देना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहें और समाज तथा प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका तय करें।
कार्यक्रम में मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे।
