धराली के आसपास घूमने की ये 7 जगह हैं बेहतरीन
उत्तरकाशी। धराली उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत गांव है, जो भागीरथी नदी के किनारे बसा है और अपने सेब के बागानों, देवदार के जंगलों और अलौकिक शांति के लिए प्रसिद्ध है। हर्षिल घाटी के समीप स्थित धराली, न सिर्फ तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम स्थल है, बल्कि ट्रैवल लवर्स और नेचर फोटोग्राफर्स के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं। आइए जानते हैं धराली के आसपास की उन खास जगहों के बारे में, जो ट्रैवल और टूरिज्म के लिहाज से बेहद खास हैं।

1. हर्षिल घाटी (Harsil Valley)
धराली से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित यह घाटी देवदार के घने जंगलों, बर्फीली पहाड़ियों और भागीरथी की कलकल बहती धारा के लिए जानी जाती है। यहीं राज कपूर की ‘रामतेरीगंगामैली’ फिल्म की शूटिंग हुई थी। हर्षिल में ठहरकर वॉकिंग ट्रेल्स और गांवों की संस्कृति का अनुभव किया जा सकता है।

2. गंगोत्री धाम (Gangotri Dham)
धराली से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित गंगोत्री, चारधाम में से एक है। भागीरथी नदी का उद्गम स्थल यहीं माना जाता है। यहां मई से अक्टूबर तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन नेचर लवर्स के लिए भी ये जगह हिमालय दर्शन और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक है।
3. नेलांग घाटी (Nelang Valley)
धराली से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह घाटी, एक “छुपा खजाना” है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित नेलांग घाटी को ‘लद्दाखऑफउत्तराखंड’ कहा जाता है। 1962 तक यह क्षेत्र आम जनता के लिए खुला नहीं था। यहां बर्फीले परिदृश्य, लकड़ी के पुल और पुरानी सिल्क रूट की झलक मिलती है।
4. मुकबा गांव (Mukhba Village)
यह गांव धराली के बिल्कुल पास में स्थित है और खास इसलिए है क्योंकि सर्दियों में गंगोत्री मंदिर की मूर्ति को यहीं लाकर पूजा की जाती है। यह गांव पारंपरिक गढ़वाली संस्कृति और वास्तुकला का जीवित उदाहरण है।
5. सतोपंथ ट्रेक रूट (Satopanth Trek Entry)
साहसिक प्रेमियों के लिए यह इलाका ट्रेकिंग बेस के रूप में लोकप्रिय होता जा रहा है। धराली से आप कई छोटी ट्रेकिंग रूट की शुरुआत कर सकते हैं, जिसमें गंगोत्री से सतोपंथ और तपोवन जैसी कठिन लेकिन रोमांचक यात्राएं हैं।
6. धराली सेब बागान (Apple Orchards)
धराली के सेब देशभर में प्रसिद्ध हैं। अगस्त से अक्टूबर के बीच यहां सेब तोड़ने और बागानों में घूमने का एक अलग ही अनुभव होता है। स्थानीय लोग पर्यटकों को ऑर्गेनिक सेब चखने और खरीदने का भी मौका देते हैं।
7. भागीरथी नदी तट (Bhagirathi Riverside)
अगर आप शांति और सुकून के पल चाहते हैं तो भागीरथी के तट पर बैठकर हिमालय की वादियों को निहारना एक ध्यानात्मक अनुभव है। यह जगह मेडिटेशन, वॉक और प्रकृति फोटोग्राफी के लिए आदर्श है।
ट्रैवलर्स के लिए सुझाव –
- धराली की यात्रा के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से अक्टूबर का समय उपयुक्त है।
- गंगोत्री हाईवे पर यात्रा करते समय मौसम की जानकारी अवश्य लें।
- स्थानीय गाइड से संपर्क करके गांवों के भीतर संस्कृति और पारंपरिक खानपान का अनुभव लें।
धराली और उसके आसपास के इलाके अब धार्मिक यात्राओं से इतर, एक इको–टूरिज्महब के रूप में उभर रहे हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन भी यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में लगातार सुधार कर रहे हैं।
