आपदा की घड़ी में मातृशक्ति के साथ सीएम धामी
पौड़ी गढ़वाल। पौड़ी जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में हाल ही में जो तबाही हुई है, उसने सैकड़ों परिवारों को गहरे दर्द और असुरक्षा की स्थिति में डाल दिया है। टूटे घर, बर्बाद खेत और अपनों को खोने का दर्द। सबसे ज्यादा असर उन माताओं, बहनों और बुजुर्ग महिलाओं पर पड़ा है जो इस त्रासदी में अपनों को सहारा देने के लिए खुद को सबसे पीछे रख चुकी हैं।


गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब आपदाग्रस्त सैंजी गांव का दौरा किया, तो सबसे पहले उनका ध्यान गया – वहां की पीड़ित मातृशक्ति पर। आंसुओं से भरी आंखों और भयभीत चेहरों को देखकर मुख्यमंत्री स्वयं भावुक हो गए।

सीएम धामी ने महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर न सिर्फ उनकी बातें सुनीं, बल्कि उन्हें भरोसा भी दिलाया और कहा कि आप अकेली नहीं हैं, उत्तराखंड सरकार और पूरा राज्य आपके साथ है।


सीएम धामी ने प्रभावित महिलाओं के आंसू पोंछते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी पीड़ा को समझती है और हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान सीएम ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं, जिसमें बच्चों की शिक्षा से लेकर घर की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवा से लेकर राशन की समस्या तक शामिल थीं।

सीएम ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी जरूरतमंद महिला राहत से वंचित न रह जाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सुनिश्चित की जाए।

सीएम ने कहा कि विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, वृद्ध महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता देने की बात उन्होंने स्पष्ट रूप से कही।

आपदा से जूझ रही इन महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए धन्यवाद कहा। उनके चेहरे पर थोड़ी राहत और उम्मीद की झलक देखी गई, शायद पहली बार जब किसी ने उनकी व्यथा इतनी गहराई से सुनी हो।

इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा संकटों में समाज को संभाला है। अब हमारी बारी है कि हम उन्हें संभालें।
