उत्तरकाशी में कुदरत का कहर
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में सोमवार देर रात आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। धराली और खीरगंगा क्षेत्र में बादल फटने और लगातार हो रही मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज बारिश से आए मलबे और बाढ़ ने बाजारों, घरों और सड़कों को तहस-नहस कर दिया है। प्रशासन और राहत एजेंसियों के अनुसार, अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।

धराली, खीरगंगा और हर्षिल सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र
धराली बाजार पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुका है। कई होटल, दुकानें और घर बाढ़ व मलबे की चपेट में आ गए हैं। खीरगंगा में बादल फटने की वजह से अचानक नालों और गाड़-गधेरों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे भारी मलबा बस्तियों की ओर बह गया। हर्षिल हेलीपैड और उसके आसपास के इलाकों में भी जबरदस्त नुकसान हुआ है। कई वाहन मलबे में दब गए हैं और बिजली की लाइनें टूट चुकी हैं।

गंगोत्री हाईवे धंसा, संपर्क टूटा
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-108) का लगभग 100 मीटर से अधिक हिस्सा नदी के कटाव और भूस्खलन के कारण पूरी तरह से धंस गया है। हाईवे के क्षतिग्रस्त होने से गंगोत्री धाम और आसपास के गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। दर्जनों आंतरिक सड़कें भी मलबे और भू-स्खलन के कारण बंद हैं, जिससे राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।
बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की गई है। SDRF की टीमों ने अब तक 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। खोज और बचाव कार्य भारी बारिश और अंधेरे के बावजूद जारी हैं। मलबे में फंसे कई लोगों की तलाश के लिए डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने धराली और हर्षिल के पास अस्थायी राहत शिविरों की स्थापना की है, जहां पीड़ितों को भोजन, पानी, दवाइयां और कंबल मुहैया कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात हैं।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल-कॉलेज बंद
भारी बारिश और आपदा को देखते हुए उत्तरकाशी जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था बुरी तरह बाधित है। ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों परिवार अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने वादा किया है कि किसी को भी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।
शासन-प्रशासन की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी न रह जाए। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करने की अपील की है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालने की सलाह दी गई है।
आपातकालीन संपर्क नंबर
- SDRF उत्तरकाशी – 01374-222XXX
- आपदा कंट्रोल रूम – 1077 / 01374-23XXXX
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, लेकिन मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
