अलर्ट मोड में CM धामी
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बदलते मौसम और चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों में उन्होंने प्रशासनिक मोर्चों पर लगातार सख्त निर्देश जारी किए हैं, चाहे बात आपदा प्रबंधन की हो, सरकारी अस्पतालों की स्थिति की, फर्जी दस्तावेज़ों पर कार्रवाई की या फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को तेज़ करने की।

आपदा प्रबंधन पर सख्ती
राज्य में हो रही लगातार हो रही बारिश और भू-स्खलन की घटनाओं के मद्देनज़र सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राउंड ज़ीरो पर रहकर रियल टाइम मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि सड़कें, बिजली, पानी और संचार व्यवस्था किसी भी हालत में बाधित नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में तेज़ी और पारदर्शिता ज़रूरी है।

फर्जी दस्तावेज़ों पर चलेगा बुलडोज़र
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने फर्जी राशन कार्ड, आधार, वोटर आईडी या आयुष्मान कार्ड बनवाए हैं, उनके खिलाफ कानून का बुलडोज़र चलेगा। “ऑपरेशन कालनेमी” के तहत धार्मिक आड़ में लोगों को गुमराह करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की पहल
सीएम धामी ने सरकारी अस्पतालों की दवाओं, डॉक्टरों की उपस्थिति, उपकरणों की स्थिति और सफाई को लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने जिलाधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और खुद भी औचक निरीक्षण की बात कही है। स्वास्थ्य सेवाओं में कोई लापरवाही नहीं चलेगी, यह संदेश उन्होंने साफ तौर पर दिया।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि सभी सरकारी कार्यालयों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर कदम बढ़ाया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी की इन पहलों से साफ है कि वे राज्य की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन और स्वदेशी सशक्तिकरण को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। प्रशासन को अब हर मोर्चे पर मुस्तैदी और जवाबदेही के साथ काम करना होगा, क्योंकि सीएम स्वयं निगरानी और कार्रवाई की कमान संभाल चुके हैं।
